पाकिस्तानी अखबारों सेः नवाज शरीफ की वतन वापसी को लेकर डील को सेना ने बताया मनगढ़ंत
सेना और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ और पीडीएम अध्यक्ष मौलाना फजलुर्रहमान के बयान को भी दिया महत्व
– रोजनामा खबरें ने कश्मीरियों के समर्थन में दुनियाभर में आत्मनिर्णय का अधिकार दिवस मनाने की खबर छापी
नई दिल्ली, 06 जनवरी (हि.स.)। पाकिस्तान से गुरुवार को प्रकाशित अधिकांश समाचारपत्रों ने वतन वापसी को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और सेना से डील होने की बातों को मनगढ़ंत बताया है। यह ख़बरें सेना के प्रवक्ता मेजर जरनल बाबर इफ्तिखार के हवाले से प्रकशित की गई हैं जिसमें उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री और सेना से डील का खंडन किया है। उन्होंने कहा है कि जो लोग भी इस डील के बारे में बात करते हैं, उन्हीं से पूछा जाना चाहिए कि इसके सबूत क्या हैं? उनका कहना है कि इस तरह की बातों पर बहस बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। यह देश के हित में नहीं है।
अखबारों ने खैबर पख्तूनख्वा के डेरा इस्माइल खां में सेना और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ की खबरें प्रकाशित की हैं। अखबारों ने लिखा है कि इसमें फौज के 2 जवान शहीद हुए हैं और दो आतंकवादी मारे गए हैं और तीन आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया है। अखबारों ने पाक-अफगान सीमा पर तार की बाड़ लगाने का मामला तूल पकड़ने के बाद अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के प्रवक्ता ने कहा है कि इस मामले को बातचीत के जरिए राजनयिक तौर पर हल किया जाएगा।
अखबारों ने नवाज शरीफ की स्वदेश वापसी के मसले पर अटॉर्नी जनरल की लॉ अधिकारियों के साथ बातचीत किए जाने की खबरें भी दी हैं। अखबारों ने ओमिक्रोम के बाद फ्रांस में एक नया वेरिएंट आने की खबरें भी दी हैं। अखबारों ने पीडीएम अध्यक्ष मौलाना फजलुर्रहमान का एक बयान भी छापा है जिसमें उन्होंने कहा है कि इमरान खान सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, त्यागपत्र के ऑप्शन अभी भी खुले हैं। उनका कहना है कि नवाज शरीफ और सेना के बीच होने वाली डील के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
अखबारों ने खाड़ी सहयोग संगठन के महासचिव की पाकिस्तान यात्रा और विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के साथ उनकी मुलाकात की खबरें भी दी हैं। अखबारों ने प्रधानमंत्री इमरान खान का भी एक बयान छापा है जिसमें उन्होंने कहा है कि पीपुल्स पार्टी और मुस्लिम लीग नवाज की विदेशी फंडिंग की जांच पड़ताल रिपोर्ट का मैं इंतजार कर रहा हूं। यह सभी खबरें रोजनामा दुनिया, रोजनामा खबरें, रोजनामा औसाफ, रोजनामा पाकिस्तान, रोजनामा एक्सप्रेस, रोजनामा नवाएवक्त और रोजनामा जंग ने अपने पहले पन्ने पर छापी हैं।
रोजनामा खबरें ने एक खबर जम्मू-कश्मीर से दी है जिससे बताया गया है कि जम्मू-कश्मीर में रहने वाले कश्मीरियों के समर्थन में दुनियाभर में आत्मनिर्णय का अधिकार दिवस मनाया गया है। अखबार ने बताया है कि दुनियाभर में रहने वाले कश्मीरियों ने इसमे हिस्सा लिया है। अखबार ने बताया कि कंट्रोल लाइन के दोनों तरफ और पूरी दुनिया में कश्मीरियों ने इस मौके पर रैलियों, कान्फ्रेंस और सेमिनार आदि का आयोजन किया है। अखबार ने बताया कि इस मौके पर कश्मीरियों ने दुनियाभर की सरकारों से मांग की है कि वह कश्मीर में शांति व्यवस्था बहाल कराने में मदद करें और कश्मीरियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करें।
रोजनामा दुनिया ने भी एक खबर जम्मू-कश्मीर से दी है जिसमें बताया गया है कि पुलवामा में सेना और सैनिक बलों ने घर-घर तलाशी अभियान के दौरान एक महीने में 8 कश्मीरी नवयुवकों को गोली मारकर उड़ा दिया है। अखबार ने बताया है कि कल 3 कश्मीरियों को गोली मारी गई है। कश्मीर मीडिया सर्विस के हवाले से खबर देते हुए बताया गया है कि इस दौरान क्षेत्र में इंटरनेट सर्विस बंद रहे और जगह-जगह तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
रोजनामा एक्सप्रेस ने एक खबर दी है जिसमें बताया गया है कि ऑस्ट्रेलिया की एक पूर्व सीनेटर ली रियासन ने कहा है कि विश्व में 2022 कश्मीर के लिए आवाज उठाने का साल होना चाहिए। उनका कहना है कि कश्मीर में कश्मीरियों के साथ नाइंसाफी की जा रही है और उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है जिसका दुनिया को नोटिस लेना चाहिए। उनका कहना है कि मैं चाहूंगी कि दुनिया 2022 में कश्मीरियों के लिए आवाज़ बुलंद करे।
