नदियों में पत्थर चुनने तथा मशीन से खनन करने के लिए राज्यसभा सदस्य ने केन्द्रीय मंत्री से मांग की

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बगहा,06जनवरी (हि.स.)।बिहार और नेपाल सीमा पर स्थित पश्चिम चम्पारण में नेपाल से आकर बहने वाली नदियों का भू-गर्भ भर जाने और हर साल बाढ़ आने से फसल क्षति होने को लेकर राज्यसभा सदस्य सतीश चन्द्र दुबे ने केन्द्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली से मिलकर अपनी चिन्ता जाहिर करते हुए लोगों के समस्याओं से अवगत कराकर एक ज्ञापन दिया है।
दिये गये ज्ञापन में सांसद ने विभागीय मंत्री से कहा है कि वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना बनने के पहले यहां के लोग नदियों में बहकर आनेवाले पत्थरों को चुन लिया करते थे, इतना ही नहीं नदियों के गर्भ मशीनों से पत्थर निकालकर भरने नहीं देते थे,इस कार्य से पत्थरों के बिक्री से जहां रोजी रोटी लोगों की चलती थी। वहीं नदियों के गर्भ साफ हो जाने से बाढ़ का आना भी समाप्त हो जाता था, अब स्तिथि यह है कि वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना के रोक लगाने से नदियों का गर्भ की सफाई नहीं हो पा रही है और नदियों में बाढ़ आने से लोगों के खेतों में बाढ़ का पानी पहुंच रहा है।
खेती करनी मुश्किल हो रही है, क्योंकि खेती युक्त भूमि में पत्थर पहुंचने से भूमि बंजर होते जा रही है। इसलिए वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना क्षेत्र में लोगों को नदियों में पत्थर चुनने तथा मशीन से उत्खन्न करने की अनुमति दी जाय।


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