लचर-जिरिबाम पैसेंजर ट्रेन की वांगईचुंगपाऊ तक विस्तारित सेवा पुनर्बहाल
-मणिपुर के मुख्यमंत्री और केंद्रीय रेलमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
इंफाल, 05 जनवरी (हि.स.)। मणिपुर के लोगों को बेहतर रेल सम्पर्क प्रदान करने के लिए बुधवार को मणिपुर के मुख्यमंत्री नोंगथोम्बम बीरेन सिंह और केंद्रीय रेल, संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा मणिपुर के वांगईचुंगपाऊ तक विस्तारित सिलचर-जिरिबाम पैसेंजर ट्रेन के पुनर्बहाल सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। हरी झंडी दिखाकर रवाना करने के कार्यक्रम का आयोजन इंफाल से वीडियो लिंक के माध्यम से रिमोट द्वारा सम्पन्न किया गया।
इससे पहले आज मंत्री वैष्णव ने मणिपुर के मुख्यमंत्री बीरेन सिंह के साथ रेल द्वारा राज्य की राजधानी इंफाल को भारत के अन्य हिस्से के साथ जोड़ने वाली निर्माणाधीन रेलवे की नई लाइन परियोजना का हवाई निरीक्षण किया। इस महीने के अंत तक काईमाई रोड रेलवे स्टेशन तथा मार्च, 2022 तक वांगईचुंगपाऊ-खोंगसांग अनुभाग में मालगाड़ी चलाये जाने हेतु इंजन चलाने का लक्ष्य है।
वांगईचुंगपाऊ तक पैसेंजर ट्रेन सेवा के विस्तार से मणिपुर के लोगों की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी होगी। 06 जनवरी से इस ट्रेन सेवा के फेरों को भी द्वि-साप्ताहिक से बढ़ा कर प्रतिदिन कर दिया गया है। ट्रेन सं. 05659 सिलचर से प्रतिदिन 16.00 बजे रवाना होकर वांगईचुंगपाऊ 19.15 बजे पहुंचेगी। वापसी यात्रा के दौरान, ट्रेन सं. 05660 वांगईचुंगपाऊ से 07.15 बजे रवाना होकर सिलचर 10.40 बजे पहुंचेगी। सिलचर (निकटवर्ती बड़ा शहर) से बेहतर सम्पर्क होने के कारण उन्नत चिकित्सा, शैक्षणिक सुविधाओं के साथ-साथ हवाई सम्पर्क उनकी जरूरतों को पूरा करने में मददगार साबित होगी।
इस पहाड़ी राज्य के लोग देश के सभी प्रमुख शहरों के लिए ट्रेन से सीधी यात्रा कर सकेंगे। मणिपुर के लोगों के लिए यात्रा की अवधि में 10-12 घंटे की कमी हो जाएगी। इस सेवा से मणिपुर के लोगों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में विकास होने की उम्मीद है।
चार जनवरी को रेलमंत्री ने गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पर जारी पुनर्विकास कार्यों का सर्वेक्षण तथा यात्री सुविधाओं का निरीक्षण किया था।
मीडिया से बातचीत करते हुए रेलमंत्री ने जानकारी दी कि सम्पूर्ण पूर्वोत्तर को जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री के विजन को पूरा करने के लिए भारतीय रेल दिन-रात कार्य कर रही है। गुवाहाटी तक रेलवे ट्रैक का विद्युतीकरण कार्य सम्पन्न हो चुका है तथा विद्युतीकरण के लिए आगे का कार्य भी प्रगति पर है।
उन्होंने कहा कि मणिपुर, नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, मिजोरम जैसे पूर्वोत्तर के राज्यों में और अधिक पैसेंजर, इंटरसिटी तथा जनशताब्दी जैसी ट्रेनें चलाने के लिए विस्तारित अध्ययन किया जा रहा है। पूर्वोत्तर की सुंदरता को उजागर करने के लिए वैकल्पिक मार्गों के जरिए रणनीतिक लाइनों की स्थापना के लिए अध्ययन किया जा रहा है।
मंत्री वैष्णव ने कहा कि इस वर्ष पूर्वोत्तर में निर्माणाधीन रेल परियोजना के लिए सात हजार करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, इसलिए कोष की कोई कमी नहीं होगी। प्रधानमंत्री के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” की सोच को ध्यान में रखते हुए संबंधित लक्ष्य की प्राप्ति के लिए रेलवे कार्य कर रही है। मंत्री ने कहा कि यह राज्य सरकारों के साथ सभी भागीदारों का एक संयुक्त प्रयास है।
