पीएम के सोच के अनुरूप काम कर रहा है नेहरू युवा केंद्र, कुछ लोग बना रहे बेवजह दबाव
बेगूसराय, 05 जनवरी (हि.स.)। भारत सरकार के युवा, संस्कृति एवं खेल मंत्रालय द्वारा युवाओं को जागरूक करने के लिए बनाए गए संगठन नेहरू युवा केंद्र ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा लगाए गए वित्तीय अनियमितता समेत सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। बुधवार को नेहरू युवा केंद्र बेगूसराय के कार्यालय परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में जिला युवा अधिकारी अधिकार वंशीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि युवाओं के माध्यम से बदलाव हो सकता है, हमारे यहां के युवा भी बेहतर कर सकते हैं। प्रधानमंत्री के इसी सोच के अनुरूप संगठन लगातार क्रियाशील है। वित्तीय वर्ष 20-21 में युवा मंडल विकास, कोरोना जागरूकता, महत्वपूर्ण दिवस सप्ताह, स्वच्छ गांव हरियाली गांव, प्रखंड खेल, महात्मा गांधी स्वच्छता अभियान, स्वच्छता पखवाड़ा, पड़ोस युवा संसद, जिला युवा संसद, जन जागरूकता सहित अन्य कार्य के लिए तीन लाख 59 हजार का आवंटन मिला और सभी कार्य सुचारू रूप से संपन्न कराए गए। वे जबसे ज्वाइन किए हैं, तब से कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। कुछ लोग दबाव बनाने के लिए बेवजह आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं। उनके पास बेगूसराय एवं खगड़िया दोनों जिला के युवा अधिकारी का प्रभार है, लेखापाल उमाशंकर सिंह भी बेगूसराय एवं लखीसराय दोनों जिला के प्रभार में हैं, जिसके कारण रोज बेगूसराय कार्यालय आना मुश्किल है। केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए एक्शन प्लान के मुताबिक सभी कार्य किए जा रहे हैं। कोरोना काल में मास्क एवं टीकाकरण के लिए जागरूकता अभियान, प्रकृति संरक्षण, पौधारोपण, नमामि गंगे, जल जीवन हरियाली अभियान, विभिन्न खेल गतिविधियों का आयोजन लगातार हो रहा है। पहले इस देशव्यापी संगठन के विभिन्न कार्यक्रमों के संचालन में जिलों को करीब नौ लाख के वार्षिक बजट का एक्शन प्लान बनता था। लेकिन कोरोना काल में अधिक गतिविधि नहीं हुई।
अधिकार वंशीवाल ने बताया कि उनके आने से पूर्व बेगूसराय के नेहरू युवा केंद्र में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की जानकारी मिली। सभी गड़बड़ियों का गहन जांच पड़ताल चल रहा है, जो भी दोषी होंगे उन पर कार्रवाई होगी। सिस्टम को दुरुस्त किया जा रहा है, उनके आने से पहले करीब चार लाख का बिजली बिल पेंडिंग था। संगठन के प्रधान कार्यालय से आवंटन मिलने के बावजूद बिजली बिल जमा नहीं किया जा रहा था, जिसके कारण बिजली विभाग ने लाइन काट दिया था। उन्होंने काफी कोशिश कर दूसरा मीटर लगवा कर फिर से लाइन शुरू करवाया है। इसके अलावा भी जो गड़बड़ी थी उस पर जांच पड़ताल चल रहा है। वे अपना काम करते रहेंगे, किसी भी प्रकार के दबाव में आकर काम करना बहुत मुश्किल है। जो लोग दबाव बना रहे हैं, उनके उनके परिजन एनवायसी हैं, लेकिन ना तो कार्यालय आते हैं और ना ही कोई काम करते हैं, सिर्फ पारिश्रमिक लेते हैं। काम करने का निर्देश देने पर दबाव बनाया जा रहा है। प्रेस वार्ता में लेखापाल उमाशंकर सिंह भी उपस्थित थे।
