करोड़ों की क्रिप्टो करेंसी ठगी का मामला खुला, दो गिरफ्तार

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देहरादून, 03 मार्च (हि.स.)। अवैध क्रिप्टो करेंसी इन्वेस्टमेंट समस्या का कारण बनता रहा है। ऐसे ही एक प्रकरण के विरुद्ध उत्तराखंड एसटीएफ द्वारा कार्रवाई की गई है। उत्तराखंड एसटीएफ टीम ने हैदराबाद में 5 करोड़ के क्रिप्टो करेंसी इन्वेस्टमेंट स्कीमों की धोखाधड़ी मामले में कंपनी मालिक समेत एक महिला को हैदराबाद के एक होटल से गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपित कैलाश और महिला आरोपित सताक्षी शुभम मोहाली चंडीगढ़ के रहने वाले हैं।
एसटीएफ के अनुसार देहरादून के विकासनगर में कुछ लोगों के साथ पकड़े गए गिरोह द्वारा क्रिप्टो करेंसी में मोटा मुनाफा दिलाने के लालच में 5 करोड़ से अधिक की धनराशि विभिन्न कंपनियों में निवेश कराकर धोखाधड़ी का प्रकरण प्रकाश में आया है। इसमें 11 शिकायतकर्ताओं द्वारा विकासनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। एसटीएफ के अनुसार तेलंगाना हैदराबाद स्थित एक होटल से गिरफ्तार किए गए क्रिप्टो करेंसी में धोखाधड़ी करने वाला सरगना और उसकी महिला साथी पिछले 4 महीनों से वहां छिपकर बैठे थे जिन्हें बीती रात गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड में उत्तराखंड लाया गया है।
एसटीएफ को प्रारंभिक जांच पड़ताल में पता चला है कि गिरोह द्वारा मल्टी लेवल मार्केटिंग के नाम पर धोखाधड़ी की गई जो एक अरब के ऊपर हो सकती है। देहरादून के विकासनगर थाने में प्रवीण सिंह, अशोक मल्ल समेत 11 शिकायतकर्ताओं ने इस संदर्भ में तहरीर दी थी। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उन्हें कुछ ऐसे लोग मिले जो स्वयं को विभिन्न कंपनियों के स्वामी बताते थे। इन कंपनियों से संबंधित विभिन्न योजनाओं में धन निवेश करने की एवज में 3 से 5 प्रतिशत का लाभ दिलाने का लालच दिया गया, जिससे प्रभावित होकर उन लोगों ने पांच करोड़ से अधिक की धनराशि निवेश कराई। 5 करोड़ की रकम ट्रांसफर होने के बाद खुद को 7 कंपनी से ज्यादा के मालिक बताने वाले आरोपित धनराशि हड़पकर फरार हो गए। उसके बाद से ही उत्तराखंड एसटीएफ जांच कर रही थी।
एसटीएफ की टीम द्वारा घटना में प्रयुक्त बैंक खातों, वेबसाइट और अभियुक्तों द्वारा शिकायतकर्ताओं से प्राप्त धनराशि की जानकारी प्राप्त की गई। साथ ही आधुनिक तरीकों का उपयोग कर अभियुक्तों के बारे में जानकारी ली गई जिसमें पता चला कि आरोपित हैदराबाद में छिपे हुए हैं।


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