आईआईटी रुड़की ने राजीव रंजन को किया गंगा नदी पुनरुद्धार पुरस्कार से सम्मानित

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हरिद्वार, 03 मार्च (हि.स.)। भारतीय तकनीकी संस्थान, रुड़की (आईआईटी) ने आज पूर्व महानिदेशक एनएमसीजी राजीव रंजन मिश्रा को गंगा नदी पुनरुद्धार पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। अनुसंधान के लिए प्रतिवर्ष दिया जाने वाला यह पुरस्कार (एन्यूअल रिसर्च अवॉर्ड) गंगा पुनरुद्धार के संबंध में किए गए वैज्ञानिक, सामाजिक, पर्यावरणीय, वैधानिक और आर्थिक प्रकृति के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के लिए प्रदान किया जाता है।
राजीव रंजन मिश्रा आईआईटी कानपुर से मेकेनिकल इंजीनियरिंग में सफल होने के साथ ही भारतीय प्रशासनिक सेवा में (1987 बैच) के अधिकारी हैं। उन्होंने इंडियन डायरेक्टर जनरल राष्ट्रीय गंगा स्वच्छता अभियान में कार्य किया और 2018 से नमामि गंगे कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे हैं। दूषित जल प्रबंधन के क्षेत्र में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के आधार पर हाइब्रिड एन्युटी मोड के माध्यम से उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और किफायती आवास के लिए भी काम किया। उन्होंने नदियों के संरक्षण के लिए गंगा बेसिन के अलावा राष्ट्रीय नदी संरक्षण निदेशालय में भी योगदान दिया।
यह ख्याति प्राप्त पुरस्कार आईआईटी रुड़की के डायरेक्टर प्रोफेसर एके चतुर्वेदी द्वारा प्रोफेसर पृथा रॉय, डीन ऑफ रिसोर्सेज एंड एल्युमनी अफेयर्स, फैकल्टी सदस्यों तथा संस्थान के विद्यार्थियों की उपस्थिति में प्रदान किया।
आईआईटी के डायरेक्टर प्रोफेसर अजीत के चतुर्वेदी ने पुरस्कार प्रदान करते हुए कहा कि राजीव रंजन मिश्रा का गंगा पुनरुद्धार हेतु लम्बे समय से दिया जा रहा योगदान पथ प्रदर्शक है। कई स्वरूपों में है और अनवरत है। उनमें इस कार्य के प्रति उनके संपूर्ण समर्पण, व्यक्तिगत रुचि और वैज्ञानिक सोच के साथ टीम भावना से सबको अपने साथ लेकर चलने की योग्यता है, जिसमें जमीन से जुड़े लोगों से लगाकर राजनीतिक नेतृत्व भी शामिल है। उन्होंने गंगा पुनरुद्धार की शासकीय नीतियों को ऐसा स्वरूप दिया है कि उनके सकारात्मक परिणाम स्पष्ट दिखाई देते हैं।


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