अटल टिंकरिंग लैब में निखर सकेंगी उदयपुर की प्रतिभाएं
उदयपुर, 19 फरवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन से प्रेरित अटल टिंकरिंग लैब अब उदयपुर के फतहपुरा स्थित आलोक संस्थान में भी स्थापित हो चुकी हैं। अब उदयपुर की विद्यालयी प्रतिभाएं विज्ञान और तकनीक से जुड़े अपने सपनों को इस लैब के माध्यम से आकार दे सकेंगी।
आलोक संस्थान के निदेशक डॉ. प्रदीप कुमावत ने शनिवार को बताया कि नीति आयोग के सहयोग एवं अटल इनोवेशन मिशन के निर्देशानुसार आलोक सीनियर सेकण्डरी स्कूल फतहपुरा उदयपुर में अटल टिंकरिंग लैब की स्थापना की गई है। आसपास के सभी सरकारी-गैर सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी निर्धारित अनुमति व समय के अनुसार इस लैब का उपयोग कर सकेंगे। यह लैब उनके लिए निःशुल्क रहेगी।
डॉ. कुमावत ने बताया कि देश भर में ऐसी लैब स्थापित की गई हैं। उन्हें भी इस लैब की स्थापना के लिए सारी प्रक्रियाओं से गुजरते हुए पूरे दो साल लगे और अब यह आकार ले सकी है। इस लैब का उद्देश्य बच्चों में छिपी प्रतिभाओं और आइडियाज व इनोवेशन को अवसर प्रदान करना है। खासतौर से ऐसा कोई भी जुगाड़ जो आगे जाकर प्रोडक्ट में तब्दील हो सकता है और व्यापक जनहित में उपयोगी हो सकता है, उसे बाहर लाना इस लैब की अवधारणा है। इसीलिए इसे टिंकरिंग शब्द दिया गया है।
संस्थान के तकनीकी निदेशक निश्चय कुमावत ने बताया कि इस लैब की स्थापना में उदयपुर की मेकर्स व्यूज फर्म के पार्थ अग्रवाल का सहयोग लिया गया। इस लैब का उपयोग स्कूल समय के बाद भी किया जा सकेगा। यहां आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस और कोडिंग भी सीखी जा सकेगी। आरंभिक तौर पर शुक्रवार और शनिवार का पूरा दिन अन्य स्कूलों के प्रतिभावान और प्रयोगधर्मी बच्चों के लिए तय किए जाएंगे जिससे उन्हें लैब में काम करने के लिए पर्याप्त समय मिले। इस लैब का विधिवत उद्घाटन सोमवार 21 फरवरी को मेवाड़ राजघराने के सदस्य लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ करेंगे।
