मोइरंग में नेताजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे सर संघचालक डॉ. भागवत
-कालापानी की सजा पाने वालों पर केंद्रित पुस्तक “अनसंग एंग्लो-मणिपुर वॉर हीरोज एट कालापानी” का करेंगे लोकार्पण
इंफाल, 22 जनवरी (हि.स.)। देश के अग्रणी एवं महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती के अवसर पर रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सर संघचालक डॉ. मोहन भागवत मणिपुर के मोइरंग में नेताजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे। उल्लेखनीय है कि नेताजी के नेतृत्व में गठित आईएनए ने मोइरंग में ही दूसरी बार भारतीय ध्वज भारतीय जमीन पर फहराया था। पहली बार तिरंगा पोर्ट ब्लेयर में फहराया था। नेताजी ने मोइरंग से ही देश की आजादी का बिगुल फूंका था।
सर संघचालक डॉ. भागवत अपराह्न 3 बजे लेखक द्वय एच सुखदेव शर्मा और ए कोइरेंग की पुस्तक “अनसंग एंग्लो-मणिपुर वॉर हीरोज एट कालापानी” का लोकार्पण करेंगे।इसका प्रकाशन नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया ने किया है। वो इस मौके पर मणिपुर के अनसंग नायकों के परिवार के सदस्यों से मुलाकात भी करेंगे। उल्लेखनीय है कि मणिपुर के महाराजा कुलचंद्र ध्वज सिंह समेत 23 लोगों को कालापानी की सजा हुई थी। पुस्तक में इसके बारे में तथ्यात्मक जानकारी है।
सर संघचालक पूर्वोत्तर के तीन राज्यों के दौरे पर शुक्रवार को मणिपुर की राजधानी इंफाल पहुंचे। सर संघचालक मणिपुर में चार दिवसीय प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान वे कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। संघ के एक पदाधिकारी ने बताया कि उनकी यात्रा वार्षिक राष्ट्रव्यापी दौरे का एक हिस्सा है। इसमें वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों के साथ कई बैठकें करेंगे और राज्य में संगठनात्मक गतिविधियों को बढ़ाने आदि विषयों पर चर्चा करेंगे।
मणिपुर के बाद वे त्रिपुरा जाएंगे। वहां पर 26 जनवरी की सुबह 8.15 बजे राजधानी अगरतला के खैरपुर स्थित सेवाधाम में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। साथ ही संगठनात्मक कार्यक्रमों में शामिल होंगे। डॉ. भागवत 27 जनवरी को असम के कछार जिला मुख्यालय शहर सिलचर पहुंचंगे। सिलचर में उनके 29 और 30 जनवरी को कई कार्यक्रम निर्धारित हैं। इनमें संगठनात्मक बैठकें भी हैं।
