कांग्रेस मुक्त भारत की बात करने वाले खुद मुक्त हो जाएंगे- सीएम गहलोत

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जयपुर, 28 दिसंबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि कांग्रेस का त्याग, कुर्बानी और बलिदान को कोई भूल नहीं सकता। चाहे कितनी ही ताकतें जोर लगा लें, कांग्रेस मुक्त भारत की बात कर लें लेकिन ऐसी बात करने वाले खुद मुक्त हो जाएंगे। गहलोत कांग्रेस स्थापना दिवस पर मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

उन्होंने कहा, कांग्रेस का आज स्थापना दिवस है। कांग्रेस तो हर घर में, हर दिल में है। सबको मालूम है कि जो आजादी की जंग में कितने ही लोग शहीद हुए ,लाठियां-गोलियां खाईं और कितने ही लोग जेलों में बंद रहे। गांधी जी, पंडित नेहरू, सरदार पटेल या मौलाना अबुल कलाम आजाद, सब लोगों ने देशवासियों को एक करने का जिस रूप में संदेश दिया, उसका परिणाम रहा कि आखिर में अंग्रेजों को यहां से जाना पड़ा।

सीएम ने इस बात पर दुख प्रकट किया कि बाबा साहेब अंबेडकर के सानिध्य में बने संविधान की देश में धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। लोकतंत्र और संविधान खतरे में है, सारी संस्थाएं बर्बाद हो रही हैं। पूरा देश चिंतित है। कांग्रेस पार्टी की नीतियां, कार्यक्रम और सिद्धांत ने सत्तर साल में इस देश को कहां से कहां पहुंचा दिया। जब आजादी मिली हम क्या थे। न पानी, न बिजली, न शिक्षा, न स्वास्थ्य, न सड़कें, न नौकरियां थीं, लेकिन आज देश के अंदर सबकुछ है, फिर भी सुनना पड़ता है कि सत्तर साल में कांग्रेस ने क्या किया? गहलोत ने इन आरोपों को लफ्फाजी बताते हुए कहा कि लोग सब समझते हैं।

उन्होंने कार्यकर्ताओं को कल का भविष्य बताते हुए सलाह दी कि देश आप पर निर्भऱ है, हम चाहेंगे कि आप लोग मजबूती के साथ में आज जो हालात देश में हैं, उसका चिंतन करें, मनन करें, एकजुट रहें और मजबूती के साथ में आम जनता का साथ दें। उनकी समस्याएं, उनकी पीड़ाएं, उनके सुख-दुःख में भागीदार बनें और जो मुद्दे हैं देश के सामने, चाहे महंगाई का हो, चाहे बेरोजगारी का हो, चाहे सांप्रदायिकता का हो, उसका मुकाबला करने के लिए भी एकजुट रहें।

कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी के हिन्दू और हिन्दुत्व के मुद्दे को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि ये देश हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, पारसी, जैन सबका है और सबने मिलकर आजादी की जंग लड़ी थी। अब जो ये धर्म के नाम पर बंटवारा करने का प्रयास कर रहे हैं, मैं समझता हूं कि इनकी पोल खुलती जा रही है। अभी राहुल गांधी ने जो बहस छेड़ी है हिंदू वर्सेज हिंदुत्व की, उसके मर्म को समझने की आवश्यकता है। उनका मर्म यही था कि एक तरफ तो हिंदू है, जिसके महान संस्कार-संस्कृति-परंपराएं सदियों से हैं, जिसके भाव प्रेम, भाईचारे, मोहब्बत का है और वो ताकतें जो हिंदुत्व के नाम पर राजनीति कर रही हैं, उनका हिंदू बनना भी स्यूडो है। उन्होंने हरिद्वार और रायपुर में साधु-संतों की भाषा पर आपत्ति जताते हुए कहा कि वो शर्मनाक भाषा है। साधु-संतों का हम सब सम्मान करते हैं, उनका जो भगवा वस्त्र है वो अपने आपमें त्याग का, संस्कार का संदेश देता है। उन साधु-संतों में से कुछ लोगों ने जो कुछ वाणी निकाली है, वो शर्मनाक थी, निंदनीय थी, जितनी निंदा करें, उतनी कम है।
साधु-संतों द्वारा महात्मा गांधी पर की गई टिप्पणी पर गहलोत ने कहा कि इसकी जितनी निंदा करें उतनी कम है। महात्मा गांधी की जयन्ती को पूरा देश, पूरी दुनिया मना रही है, उस व्यक्तित्व के लिए, उस महान आत्मा के लिए, उस महापुरुष के लिए जिस प्रकार के लफ्ज़ काम में लिए गए, उसकी जितनी निंदा करें उतनी कम है। आप सोच सकते हो कि देश को किस दिशा में ले जाना चाह रहे हैं। जो माहौल देश में है, उस माहौल के अनुरूप ये लोग अपनी वाणी को सामने ला रहे हैं।


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