रक्षा सचिव ने किया ‘इंडिया@75 बीआरओ मोटरसाइकिल अभियान’ का समापन

0

बीआरओ के वार्षिक मुख्य अभियंता तथा उपकरण प्रबंधन सम्मेलन का उद्घाटन

– मौजूदा परियोजनाओं की समीक्षा करके 2022 के लिए रोडमैप तैयार करेगा बीआरओ

नई दिल्ली, 27 दिसम्बर (हि.स.)। ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ हिस्से के रूप में 75 दिन तक चला सेना और बीआरओ के 75 कर्मियों का ‘इंडिया@75 बीआरओ मोटरसाइकिल अभियान’ सोमवार को पूरा हो गया। इस दल ने 24 राज्यों तथा चार केन्द्र शासित प्रदेशों के महत्वपूर्ण दर्रों तथा स्थानों से गुजरते हुए 20 हजार किलोमीटर की दूरी तय की। इस अभियान का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता, राष्ट्र निर्माण तथा सड़क सुरक्षा का संदेश देना था। रक्षा सचिव डॉक्टर अजय कुमार ने आज नई दिल्ली में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के वार्षिक मुख्य अभियंता तथा उपकरण प्रबंधन सम्मेलन का उद्घाटन किया।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के तहत 14 अक्टूबर को ‘इंडिया@75 बीआरओ मोटरसाइकिल अभियान’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इस अभियान में भारतीय सेना और जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स के जवान और बीआरओ के 75 मोटरसाइकिल सवारों ने 75 दिनों में लगभग 20 हजार किलोमीटर की दूरी तय की। इस दौरान जवानों ने स्थानीय लोगों, स्कूली बच्चों, वीरता पुरस्कार विजेताओं, पूर्व-सैनिकों और वीर नारियों के साथ बातचीत की। चिकित्सा शिविर आयोजित किये और स्वच्छ भारत अभियान तथा सड़क सुरक्षा के बारे में जागरुकता अभियान भी चलाया। अभियान दल के सदस्यों ने अनाथालयों तथा वृद्धाश्रमों का दौरा किया और युद्ध स्मारकों पर श्रद्धांजलि दी। रक्षा सचिव डॉक्टर अजय कुमार ने आज इंडिया@75 मोटरसाइकिल अभियान का समापन किया।

रक्षा सचिव डॉ. कुमार ने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के तीन दिवसीय वार्षिक मुख्य अभियंता तथा उपकरण प्रबंधन सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर महानिदेशक सीमा सड़क (डीजीबीआर) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव चौधरी, सीमा सड़क के अपर महानिदेशक तथा 18 मुख्य अभियंता उपस्थित थे। लगभग दो वर्ष बाद हो रहे इस सम्मेलन में सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क संरचना में सुधार, सड़क निर्माण में नई प्रौद्योगिकी के उपयोग, पर्यावरण अनुकूल निर्माण के साधनों को शामिल करने, सड़क सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं तथा श्रमिकों के लिए सुविधाओं को उन्नत बनाने के प्रयासों पर विचार-विमर्श होगा। सम्मेलन के दौरान बीआरओ अपनी मौजूदा परियोजनाओं की समीक्षा करके 2022 के लिए रणनीतियों का रोडमैप तैयार करेगा।

रक्षा सचिव ने अपने संबोधन में राष्ट्र निर्माण में योगदान के लिए सराहना करते हुए कहा कि बीआरओ ने सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क, पुल, सुरंग तथा एयरफील्ड बनाए हैं जिससे सैन्य कार्रवाइयों में तेजी आने के साथ ही दूर दराज के इलाकों तक उपकरणों तथा कर्मियों की तेज आवाजाही में मदद मिली है। उन्होंने दुर्गम क्षेत्रों, खराब मौसम तथा कोरोना महामारी से उत्पन्न चुनौतियों के बावजूद दूर दराज के सीमावर्ती क्षेत्रों को जोड़ने वाली 102 सड़कें तथा पुल बनाने के लिए बीआरओ की सराहना की। उन्होंने उमलिंग ला दर्रा, अटल सुरंग तथा जोजिला दर्रा बनाने के लिए बीआरओ के कर्मियों के साहस और दृढ़ता को भी सराहा। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश में सेला सुरंग तथा निचिफू सुरंग का तेजी से निर्माण करने के लिए उनकी सराहना की।

रक्षा सचिव ने बीआरओ से अपने विजन को आगे बढ़ाने का आग्रह करते हुए मित्र विदेशी देशों के साथ ऊंचाई वाले क्षेत्रों में निर्माण विशेषज्ञता को साझा करने की दिशा में तेजी लाने का सुझाव दिया। इस अवसर पर रक्षा सचिव ने बीआरओ की विभिन्न इकाइयों को सर्वश्रेष्ठ परियोजना, सर्वश्रेष्ठ कार्यबल, सर्वश्रेष्ठ सड़क तथा श्रेष्ठ पुल निर्माण कंपनी और श्रेष्ठ कार्यशाला ट्रॉफियां प्रदान की। उन्होंने बीआरओ कर्मियों के लिए फिटनेस नियम पुस्तिका ‘फिट बीआरओ फिट इंडिया’ का लोकार्पण किया। इस पुस्तिका में बीआरओ के सभी कर्मियों और उनके परिजनों के शरीर और मस्तिष्क के समग्र विकास के लिए फिटनेस दिशा-निर्देश तथा प्रोटोकॉल हैं। उन्होंने चार सॉफ्टवेयर-इन्वेंट्री मैनेजमेंट सिस्टम, बीआरओ पोस्टिंग मैनेजमेंट सिस्टम, बॉर्डर रोड्स ऑटोमेटेड एचआर मैनेजमेंट एप्लीकेशन (बीआएएचएमए तथा बीआरओ डॉक्यूमेंटेशन सिस्टम) भी लॉन्च किया।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *