गीता हमारी भारतीय संस्कृति और सनातन की जड़ हैः पूर्व सीएम त्रिवेंद्र

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हरिद्वार, 19 दिसंबर (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि हमें अपनी जड़ों से हमेशा जुड़े रहना चाहिए। गीता हमारी भारतीय संस्कृति और सनातन की जड़ है। इसलिए हमें अपने बच्चों को इससे जोड़कर रखना है। उन्होंने कहा कि जो धर्म की रक्षा करता है तो धर्म उसकी रक्षा करता है। पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र बतौर मुख्य अतिथि अध्यात्म चेतना संघ के विराट गीता महोत्सव मोती महल मण्डपम् ज्वालापुर, हरिद्वार में हुए कार्यक्रम के समापन अवसर पर बोल रहे थे।

राज्य सभा सांसद नरेश बंसल ने बच्चों को पुरस्कृत करते हुए कहा कि गीता हमें जीवन प्रबन्धन सिखाती है इसलिए इस प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन करना समाज के लिए हितकारी सिद्ध होता है। गीता स्वयं पढ़ने के साथ औरों को भी इसके अध्ययन के लिए प्रेरणा देनी चाहिए। महामण्डलेश्वर रूपेन्द्र प्रकाश, सन्त मुनि महाराज, रानीपुर विधायक आदेश चौहान ने भी अपने विचार रखे।

गीता ज्ञान प्रतियोगिता में स्थान प्राप्त प्रतियोगियों को अतिथियों द्वारा प्रथम, द्वितीय, तृतीय पुरस्कार सहित प्रोत्साहन पुरस्कार भी दिए गए। दीप प्रज्ज्वलन के उपरांत कार्यक्रम का आरम्भ गणेश वन्दना और गीता नेगी व उनके सहयोगियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ।

डॉ. मनु शिव पुरी, मनन वर्मा, डॉ. रूप किशोर शास्त्री, कथा व्यास हरितोष जी, संगीता सक्सेना एवं डॉ. के. सी. शर्मा, मनमोहन वैद्य, डॉ. संध्या शर्मा, संदीप जैन, मनोज गौतम, डॉ. महावीर अग्रवाल, अविनाश ओहरी, मनोज, गोयल, जगदीशलाल पाहवा को हरिद्वार गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया।

संस्था के संस्थापक आचार्य करुणेश मिश्र ने संस्था का कार्यवृत्त रखते हुए संस्था द्वारा किये जा रहे कार्य कलापों को प्रस्तुत किया। अध्यक्ष नितिन गौतम ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम का संचालन कवि रमेश रमन ने किया। संस्था की ओर से प्रतियोगिता प्रभारी अरुण कुमार पाठक, कार्यक्रम संयोजक ब्रजेश शर्मा, सचिव भूपेन्द्र कुमार गौड़, उपाध्यक्ष अर्चना वर्मा, मीडिया प्रभारी बालकृष्ण शास्त्री, नेहा मलिक,जे.पी. जुयाल सहित नगर के भारी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित थे।


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