22 नवंबर इतिहास के पन्नों में

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झलकारी खड़ग संवार चलीः 22 नवंबर को झलकारी जयंती मनायी जाती है। झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की सेना में झलकारी देवी, महिला शाखा दुर्गा दल की सेनापति थीं। लक्ष्मीबाई की हमशक्ल और बहादुर होने की वजह से वे काफी अहम थीं। उनका जन्म झांसी के पास के भोजला गांव के एक निर्धन परिवार में हुआ था।

1857 में स्वतंत्रता की पहली क्रांति के समय जनरल ह्यूरोज ने 23 मार्च 1858 को झांसी पर आक्रमण कर दिया। रानी लक्ष्मीबाई ने अपने सैन्य दल के साथ अंग्रेजी सेना का कड़ा मुकाबला किया। यदि रानी लक्ष्मीबाई के सेना नायकों में एक ने उनके साथ विश्वासघात नहीं किया होता तो ब्रिटिश सेना के लिए झांसी का किला अभेद्य था। फिर भी आखिरी समय में जब अंग्रेजी सेना झांसी में दाखिल हो गयी तो रानी लक्ष्मीबाई को सुरक्षित निकालने के लिए झलकारी देवी ने रानी के वेष में अंग्रेजों को गुमराह किया। वीरांगना झलकारी देवी का शौर्य बुंदेलखंड की लोक कथाओं और लोक गाथाओं में सुना जा सकता है-

लक्ष्मीबाई का रूप धार, झलकारी खड़ग संवार चली

वीरांगना निर्भय लश्कर में, शस्त्र अस्त्र तन धार चली।

भारत सरकार ने 22 जुलाई 2001 को झलकारी बाई के सम्मान में डाक टिकट जारी किया ।

अन्य अहम घटनाएंः

1864ः भारत की प्रथम महिला चिकित्सक रुक्माबाई का जन्म।

1892ः महात्मा गांधी की शिष्या और ब्रिटिश सैन्य अधिकारी की बेटी मीरा बेन का जन्म।

1899ः भारतीय स्वतंत्रता सेनानी शहीद लक्ष्मण नायक का जन्म।

1939ः उप्र के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का जन्म।

1948ः कोरियोग्राफर सरोज खान का जन्म।

1967ः सिख नेता तारा सिंह का निधन।


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