मंत्री की मौजूदगी में केके पाठक ने संभाला पदभार

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मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव की मिली जवाबदेही

राज्य में शराबबंदी पर उठते सवाल के बीच कड़क अधिकारी को बड़ी जिम्मेदारी



पटना, 18 नवंबर (हि.स.)। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे केशव कुमार पाठक (केके पाठक) ने गुरुवार को मंत्री सुनील कुमार की मौजूदगी में मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव का पदभार संभाल लिया।

राज्य में शराबबंदी पर उठते सवालों के बीच उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। अबतक यह जवाबदेही गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद के पास थी जो मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अतिरिक्त प्रभार में थे। अब उन्हें इससे मुक्त कर दिया गया है। विभागीय मंत्री सुनील कुमार की मौजूदगी में उन्होंने चैतन्य प्रसाद से प्रभार लिया।

केके पाठक 1990 बैच के तेजतर्रार और कड़क आईएएस अधिकारी हैं। वह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटने के बाद पदस्थापन की प्रतीक्षा में थे। इसके पहले भी केके पाठक मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की कमान संभाल चुके हैं। वर्ष 2016 में जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रदेश में शराबबंदी कानून लागू करने का फैसला लिया था तब केके पाठक को विशेष तौर पर इस विभाग की जिम्मेवारी दी गई थी।

पाठक ने अपने कार्यकाल में शराबबंदी कानून को सख्ती से ना सिर्फ लागू कराया था, बल्कि शराब के कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर चर्चा में भी आए थे। राज्य सरकार केके पाठक की विभाग में वापसी कर बड़ा संदेश दिया है।

मुख्यमंत्री जिस तरह शराबबंदी को सख्ती से लागू करने की इच्छा जता चुके हैं, उसमें केके पाठक जैसे कड़क अफसर बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। विभाग में केके पाठक की वापसी के बाद नीचे के अफसरों में भी खूब चर्चा हो रही है।


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