कोप-26 सम्मेलन में जिनपिंग व पुतिन के नहीं आने पर पर बिफरे बाइडन, सम्मेलन में 120 से अधिक नेताओं ने लिया हिस्सा

0

वाशिंगटन, 04 नवंबर (हि.स.)। ग्लासगो में संयुक्त राष्ट्र के कोप-26 जलवायु सम्मेलन में अनुपस्थित रहने पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने चीन व रूस के नेताओं की कड़ी आलोचना की है। स्काटलैंड में आयोजित इस सम्मेलन में 120 से अधिक नेताओं ने भाग लिया।

रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार की रात अपने भाषण में बाइडन ने कहा कि जलवायु बड़ा मुद्दा है और इससे गहरे तौर पर जुड़े चीन व रूस ने दूरी बना ली। सम्मेलन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन व चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग मौजूद नहीं थे। हालांकि, दोनों देशों ने 12 नवंबर तक चलने वाले इस सम्मेलन के लिए अपना प्रतिनिधिमंडल भेजा है।

अमेरिका के बाद चीन दुनिया का दूसरा तथा यूरोपीय यूनियन व भारत के बाद रूस पांचवां सबसे ज्यादा कार्बन उत्सर्जन करने वाला देश है। बाइडन के भाषण से पहले पुतिन ने वन प्रबंधन पर वर्चुअल रूप से सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान पुतिन ने कहा कि वन व वनक्षेत्र के संरक्षण के लिए रूस बहुत ही सख्त व प्रभावी कदम उठा रहा है।

चीन, रूस व सऊदी अरब की भूमिका पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि चीन भले ही दुनिया का नेता बनने की इच्छा रखता हो, लेकिन उसका काम नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा कि सम्मेलन से शी जिनपिंग की अनुपस्थिति एक बड़ी चूक है। बाइडन ने पुतिन के लिए भी ऐसा ही कहा। उन्होंने कहा कि रूस का जंगल जल रहा है और उसके राष्ट्रपति मौन साधे हुए हैं। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जलवायु शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं हुए।

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने संवाददाताओं से कहा कि दुर्भाग्य से, पुतिन ग्लासगो के लिए उड़ान नहीं भरेंगे। पुतिन ने आधिकारिक घोषणा पर कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन 13 अक्टूबर को मास्को में एक अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा मंच पर बोलते हुए रूसी नेता ने यात्रा करने के अपने निर्णय में एक कारक के रूप में कोरोना वायरस महामारी का हवाला दिया था। उन्होंने कहा था कि मुझे अभी तक यकीन नहीं है कि मैं व्यक्तिगत रूप से कोप-26 में भाग लूंगा।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *