जी-20 और कॉप-26 में कोरोना, कार्बन स्पेस और जलवायु परिवर्तन पर प्रकाश डालूंगा : प्रधानमंत्री मोदी

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नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि जी-20 देशों की शिखरवार्ता और पर्यावरण पर ग्लासगो में आयोजित कॉप-26 बैठक में कोरोना महामारी, कार्बन स्पेस के समान वितरण सहित जलवायु परिवर्तन के मुद्दों को व्यापक रूप से संबोधित करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को रोम और ग्लासगो की यात्रा पर रवाना होने से पहले वक्तव्य जारी कर कहा, मैं इटली के प्रधानमंत्री मारियो ड्रैगी के निमंत्रण पर 29-31 अक्टूबर तक रोम और वेटिकन सिटी का दौरा करूंगा। इसके बाद मैं ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के निमंत्रण पर 1-2 नवंबर तक ग्लासगो, यूनाइटेड किंगडम की यात्रा करूंगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रकृति और संस्कृति के साथ सद्भाव में रहने की हमारी परंपरा के अनुरूप हम स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता, वनीकरण और जैव-विविधता के विस्तार पर महत्वाकांक्षी कार्रवाई कर रहे हैं। आज भारत जलवायु अनुकूलन, शमन और लचीलापन और बहुपक्षीय गठबंधन बनाने के सामूहिक प्रयास में नए रिकॉर्ड बना रहा है। भारत स्थापित अक्षय ऊर्जा, पवन और सौर ऊर्जा क्षमता के मामले में दुनिया के शीर्ष देशों में से एक है। डब्ल्यूएलएस में, मैं जलवायु कार्रवाई और हमारी उपलब्धियों पर भारत के उत्कृष्ट ट्रैक रिकॉर्ड को साझा करूंगा।

उन्होंने कहा कि मैं कार्बन स्पेस के समान वितरण, शमन और अनुकूलन के लिए समर्थन और लचीलापन निर्माण उपायों, वित्त जुटाने, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और हरित और समावेशी विकास के लिए स्थायी जीवन शैली के महत्व सहित जलवायु परिवर्तन के मुद्दों को व्यापक रूप से संबोधित करने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डालूंगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कॉप-26 शिखर सम्मेलन भागीदार देशों, नवप्रवर्तनकर्ताओं और अंतर-सरकारी संगठन के नेताओं सहित सभी हितधारकों के साथ मिलने और हमारे स्वच्छ विकास को और तेज करने की संभावनाओं का पता लगाने का अवसर प्रदान करेगा।

उन्होंने कहा कि रोम में, मैं 16वें जी-20 लीडर्स समिट में भाग लूंगा, जहां मैं अन्य जी20 लीडर्स के साथ महामारी के दुष्प्रभावों से वैश्विक आर्थिक और स्वास्थ्य सुधार पर चर्चा में शामिल होऊंगा। यह 2020 में महामारी के प्रकोप के बाद से जी20 का पहला व्यक्तिगत शिखर सम्मेलन होगा और हमें वर्तमान वैश्विक स्थिति का जायजा लेने और विचारों का आदान-प्रदान करने का मौका देगा कि जी20 आर्थिक लचीलापन को मजबूत करने और वापस निर्माण के लिए एक इंजन कैसे हो सकता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इटली की अपनी यात्रा के दौरान, मैं परम पावन पोप फ्रांसिस से मिलने और विदेश मंत्री कार्डिनल पिएत्रो पारोलिन से मिलने के लिए वेटिकन सिटी भी जाऊंगा।

जी20 शिखर सम्मेलन से इतर मैं अन्य सहयोगी देशों के नेताओं से भी मुलाकात करूंगा और उनके साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति की समीक्षा करूंगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 31 अक्टूबर को जी20 शिखर सम्मेलन के समापन के बाद, मैं जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन (यूएनएफसीसीसी) में विभिन्न पक्षों के 26वें सम्मेलन (कॉप-26) में भाग लेने के लिए ग्लासगो के लिए प्रस्थान करूंगा। मैं 1-2 नवंबर को दुनिया भर के 120 राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों के साथ ‘वर्ल्ड लीडर्स समिट’ (डब्ल्यूएलएस) शीर्षक वाले कॉप-26 के उच्च-स्तरीय खंड में भाग लूंगा।


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