ट्रोल के बाद शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने ट्वीट किया डीलीट

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पटना, 15 अक्टूबर (हि.स.)। प्रदेश के शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी के एक ट्वीट पर विपक्ष ने ऐतराज जताते हुए कहा है कि यह विधानसभा उपचुनाव को प्रभावित करने की कोशिश है। सोशल मीडिया पर भी उनसे ऐसे ही तीखे सवाल पूछे गए। इस ट्रोलिंग के बाद आखिरकार शिक्षा मंत्री ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया।शिक्षा मंत्री ने ट्वीट कर कहा था कि ”राज्य निर्वाचन आयोग से अनुमति मिलते ही छठे चरण की शिक्षक नियोजन प्रक्रिया को पूर्ण कर लिया जाएगा। अभ्यर्थी इन हालातों को संज्ञान में लें जिससे वे अनावश्यक किसी भ्रम का शिकार न हों।” इस ट्वीट के बाद वे ट्रोल होने लगे।

इस ट्वीट पर राजद प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने कहा कि सरकार ने पहले तो कहा था कि 15 अगस्त तक शिक्षकों को नियुक्ति पत्र दे दिया जाएगा। उसके बाद यह कहा गया कि अक्टूबर तक नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। अब सरकार कह रही है कि निर्वाचन आयोग से अनुमति ली जा रही है। गगन ने कहा कि विधानसभा उपचुनाव में सरकार का वोट बैंक प्रभावित नहीं हो इसलिए सरकार अभ्यर्थियों को भरमाने का काम कर रही है। अब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ही मुख्यमंत्री बनेंगे तो शिक्षकों की बहाली हो पाएगी।शिक्षा मंत्री के ट्वीट हटाए जाने पर बिहार टीईटी- सीटीईटी- एसटीईटी उत्तीर्ण शिक्षक बहाली मोर्चा ने कहा कि शिक्षा मंत्री को इस ट्वीट को डिलीट करने के क्या कारण हो सकते हैं? लगता है इरादा नेक नहीं है। इधर टीईटी-एसटीईटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षक संघ ने आरोप लगाया कि सरकार जरूरी डॉक्यूमेंट निर्वाचन आयोग को उपलब्ध नहीं करा रही तो अनुमति कहां से मिलेगी।

उल्लेखनीय है कि बिहार में 90,762 प्राथमिक और लगभग 32 हजार माध्यमिक, उच्च माध्यमिक शिक्षकों के छठे चरण के नियोजन को लेकर सरकार और अभ्यर्थियों के बीच सरकार का वादा और विपक्ष का आरोप प्रत्यारोप चल रहा है। अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ती जा रही है। दिक्कत यह है कि सरकार लगातार यही कह रही है कि निर्वाचन आयोग से अनुमति ली जा रही है। दूसरी तरफ एक-एक दिन गुजर रहा है और शिक्षक अभ्यर्थी डरे हुए हैं कि जिनका चयन पूरा हो चुका है, उसे भी सरकार नियुक्ति पत्र नहीं दे रही है।सर्टिफिकेट वेरीफेकेशन का काम भी अधर में लटका हुआ है। आगे के नियोजन के लिए भी अभ्यर्थी परेशान हैं। शिक्षक अभ्यर्थियों का कहना है कि वे विभाग में जाते हैं तो उनसे कहा जाता है कि अब उपचुनाव के बाद ही नियोजन किया जाएगा।


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