14 अक्टूबर इतिहास के पन्नों में

0

ऐसा क्रांतिकारी जिनकी मौत का रहस्य नहीं खुलाः 14 अक्टूबर 1884 में दिल्ली के गुरुद्वारा शीशगंज के पीछे स्थित चीराखाना मोहल्ले में पैदा हुए लाला हरदयाल भारतीय संग्राम के उन अग्रणी क्रांतिकारियों में थे, जिन्होंने विदेशों में रहने वाले भारतीयों को देश की आजादी की मुहिम के लिए एकजुट किया। उन्होंने अमेरिका जाकर गदर पार्टी की स्थापना की, जिसका लक्ष्य प्रवासी भारतीयों में राष्ट्रीय चेतना को जगाना और उसे दिशा देना था। उन्होंने प्रथम विश्वयुद्ध के समय ब्रिटिश साम्राज्यवाद के खिलाफ उठ खड़ा होने के लिए कनाडा और अमेरिका में रहने वाले बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीयों को प्रेरित किया।

लाला हरदयाल की प्रारंभिक शिक्षा कैम्ब्रिज मिशन स्कूल में हुई। उसके बाद दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से संस्कृत में स्नातक और लाहौर स्थित पंजाब विवि से संस्कृत में ही एमए की पढ़ाई की। इस परीक्षा में उन्हें इतने अंक प्राप्त हो गए कि सरकार की तरफ से 200 पौंड की छात्रवृत्ति दी गयी और इसी के सहारे 1905 में ऑक्सफोर्ड विवि में दाखिला लिया। वहां उन्होंने दो छात्रवृत्तियां हासिल कीं। 04 मार्च 1939 को स्वदेश लौटते समय अमेरिका के महानगर फिलाडेल्फिया में उनकी रहस्यमय ढंग से मौत हो गयी।

प्रतिबद्ध आदर्शवादी, भारतीय स्वतंत्रता के निर्भीक समर्थक, ओजस्वी वक्ता व लेखक लाला हरदयाल हिंदू एवं बौद्ध धर्म के प्रकाण्ड विद्वान थे। उन्होंने ‘थॉट्स ऑन एड्युकेशन’, ‘सोशल कॉन्क्वेस्ट ऑन हिंदू रेस’, ‘फोर्टी फोर मन्थ्स इन जर्मनी एंड टर्की’ सहित दर्जनों किताबें लिखीं। वे विश्व की 13 भाषाएं जानते थे। अंग्रेजी शिक्षा पद्धति को लेकर उनका मानना था- ‘अंग्रेजी शिक्षा पद्धति से राष्ट्रीय चरित्र तो नष्ट होता ही है, राष्ट्रीय जीवन का स्रोत भी विषाक्त हो जाता है। अंग्रेज ईसाईयत के प्रसार से हमारी दास्ता को स्थायी बना रहे हैं।’

अन्य अहम घटनाएंः

1240ः महिला शासक रजिया सुल्तान का निधन।

1882ः शिमला में पंजाब विश्वविद्यालय की स्थापना। यह ब्रिटिश सरकार द्वारा कलकत्ता, बंबई और मद्रास के बाद स्थापित किया गया भारत का चौथा विवि था।

1956ः संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर ने अपने अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म अपनाया।

1964ः मार्टिन लूथर किंग जूनियर को नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा।

2004ः राष्ट्रवादी ट्रेड यूनियन नेता और भारतीय मजदूर संघ के संस्थापक दत्तोपंत ठेंगडी का निधन।

2010ः दिल्ली में 19वें राष्ट्रमंडल खेलों का समापन।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News