भारत-अमेरिका नए डोमेन में एक दूसरे को सहयोग करने पर सहमत

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वाशिंगटन डीसी में हुई भारत-अमेरिका रक्षा नीति समूह की बैठक

 भारत-अमेरिका रक्षा नीति समूह की अगली बैठक भारत में होगी



नई दिल्ली, 10 अक्टूबर (हि.स.)। भारत के रक्षा सचिव डॉ. अजय कुमार और अमेरिका के अवर रक्षा सचिव डॉ. कॉलिन कहल ने वाशिंगटन डीसी में भारत-अमेरिका रक्षा नीति समूह (डीपीजी) की 16वीं बैठक की सह-अध्यक्षता की। दोनों पक्षों ने आगामी टू प्लस टू मंत्रिस्तरीय वार्ता की तैयारी की समीक्षा की। डीपीजी की अगली बैठक भारत में आयोजित करने पर सहमति हुई।

भारत के रक्षा मंत्रालय और अमेरिकी रक्षा विभाग के बीच डीपीजी द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के सभी पहलुओं की व्यापक समीक्षा और मार्गदर्शन करने के लिए शीर्ष आधिकारिक स्तर का तंत्र है। दोनों पक्षों ने भारत-अमेरिका प्रमुख रक्षा साझेदारी, सैन्य-से-सैन्य जुड़ाव, मूलभूत रक्षा समझौतों के कार्यान्वयन, रक्षा अभ्यास, प्रौद्योगिकी सहयोग और रक्षा व्यापार को मजबूत करने में प्रगति की समीक्षा की। दोनों पक्षों ने विभिन्न द्विपक्षीय रक्षा पहलों और तंत्रों द्वारा की गई प्रगति से एक-दूसरे को अवगत कराया। उन्होंने रक्षा प्रौद्योगिकी और व्यापार पहल के तहत हवाई-लॉन्च किए गए मानव रहित हवाई वाहनों (यूएवी) के सह-विकास के लिए संयुक्त परियोजना का जायजा लिया।

दोनों पक्षों ने उच्च स्तरीय रक्षा औद्योगिक सहयोग की सुविधा के लिए भारत में औद्योगिक सुरक्षा समझौते की बैठक आयोजित करने का भी स्वागत किया। दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय सुरक्षा दृष्टिकोण पर सहयोग साझा किया और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा हितों को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम किया। दोनों ही पक्ष निजी और सरकारी दोनों हितधारकों को सह-विकास और सह-उत्पादन के लिए रक्षा उद्योगों में मौजूदा नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करने पर सहमत हुए। दोनों पक्षों ने अंतरिक्ष, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर और काउंटर मानव रहित हवाई वाहन प्रौद्योगिकियों जैसे नए डोमेन में सहयोग का स्वागत किया।


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