सतत विकास के लिए स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा क्षेत्र में ज्यादा निवेश की जरूरत : दास

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नई दिल्ली, 22 सितंबर (हि.स.)। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि कोविड-19 महामारी के बाद सतत विकास के लिए स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचा क्षेत्र में ज्यादा निवेश करने की जरूरत है।

शक्तिकांत दास ने एआईएमए राष्ट्रीय प्रबंधन सम्मेलन को बुधवार को संबोधित किया। दास ने कहा कि आर्थिक वृद्धि के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं और बुनियादी ढांचा क्षेत्र में निवेश तथा श्रम एवं उत्पाद बाजारों में सुधारों को आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सतत विकास और रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए स्वास्थ्य शिक्षा, डिजिटल क्षेत्र में ढांचागत सुविधाओं में निवेश बढ़ाने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी ने उभरते और विकासशील देशों में सबसे ज्यादा गरीब और वंचित तबकों को प्रभावित किया है। हमारा प्रयास महामारी के बाद रहने योग्य और टिकाऊ वृद्धि सुनिश्चित करने का होना चाहिए। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि आने वाले समय में निजी खपत को टिकाऊ रूप से पटरी पर लाना अहम होगा। यह ऐतिहासिक रूप से समग्र मांग का मुख्य आधार रहा है।

दास के मुताबिक इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि सतत वृद्धि मध्यम अवधि के निवेश, मजबूत वित्तीय प्रणाली और संरचनात्मक सुधारों के साथ आगे बढ़नी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य के लिए, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, नवोन्मेष, भौतिक और डिजिटल बुनियादी ढांचे में निवेश को गति देने की आवश्यकता है। इसलिए हमें प्रतिस्पर्धा एवं गतिशीलता को प्रोत्साहित करने और महामारी से उत्पन्न अवसरों का लाभ उठाने के लिए श्रम एवं उत्पाद बाजारों में सुधारों को जारी रखा चाहिए।


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