पद्मनाभस्वामी मंदिर ट्रस्ट को 25 साल के आडिट से छूट देने की मांग वाली याचिका खारिज

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नई दिल्ली, 22 सितंबर (हि.स.)। सुप्रीम कोर्ट ने केरल के पद्मनाभस्वामी मंदिर ट्रस्ट को 25 साल के आडिट से छूट की मांग करने वाली याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस यूयू ललित की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि आडिट केवल मंदिर तक ही सीमित नहीं होगा बल्कि ट्रस्ट का भी होगा। कोर्ट ने तीन महीने के अंदर आडिट पूरा करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने 17 सितंबर को फैसला सुरक्षित रखा था।

पद्मनाभस्वामी मंदिर ट्रस्ट का प्रबंधन त्रावणकोर का शाही परिवार करता है। 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर और ट्रस्ट के पिछले 25 साल के खातों का आडिट करने का आदेश दिया था। 13 जुलाई, 2020 को सुप्रीम कोर्ट ने केरल के पद्मनाभस्वामी मंदिर के प्रशासन के प्रबंधन में त्रावणकोर के रॉयल फैमिली के अधिकार को मान्यता दी थी। कोर्ट ने अंतरिम आदेश के तहत कहा था कि एडमिनिस्ट्रेटिव कमेटी के अध्यक्ष तिरुवनंतपुर के डिस्ट्रिक्ट जज होंगे। कोर्ट ने कहा था कि एडमिनिस्ट्रेटिव कमेटी में राजपरिवार की अहम भूमिका रहेगी।

बताया जाता है कि मंदिर के पास करीब दो लाख करोड़ रुपये की संपत्ति है। माना जाता है कि यहां के गुप्त तहखानों में इतना खजाना छिपा हुआ है, जिसका कोई अंदाजा भी नहीं लगा सकता। ऐसे ही छह तहखानों के छह दरवाजे खोले जा चुके हैं लेकिन सातवां दरवाजा अब भी बंद है। केरल हाईकोर्ट ने 2011 में पद्मनाभस्वामी मंदिर के अधिकार और संपत्ति पर राज्य सरकार का अधिकार बताया था। केरल हाईकोर्ट के इस आदेश को त्रावणकोर के रॉयल फैमिली ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।


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