भारत ने बांग्लादेश को ‘गिफ्ट’ में सौंपे दो ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र

0

बांग्लादेश की सेना और सरकारी एजेंसियों को दिए जाएंगे एक-एक प्लांट

 नौसेना अधिकारियों ने औपचारिक रूप से भारतीय जहाज का स्वागत किया



नई दिल्ली, 02 सितम्बर (हि.स.)। मुक्ति संग्राम की स्वर्ण जयंती और शेख मुजीबुर रहमान की जन्म शताब्दी मना रहे बांग्लादेश को भारत ने दो ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र ‘गिफ्ट’ में सौंप दिए हैं जिन्हें लेकर गुरुवार को भारतीय नौसेना का अपतटीय गश्ती पोत आईएनएस सावित्री चटगांव पहुंचा है। इन मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट (एमओपी) को डीआरडीओ ने विकसित किया है। यह सहयोग भारतीय रक्षा मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और भारतीय नौसेना के बीच मिशन सागर के तहत नेबर हुड फर्स्ट पॉलिसी के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को उजागर करता है।

बांग्लादेश की सेना और सरकारी एजेंसियों के लिए यह ऑक्सीजन प्लांट लेकर भारतीय नौसेना का अपतटीय गश्ती पोत आईएनएस सावित्री 31 अगस्त को लेकर विशाखापत्तनम से चटगांव, बांग्लादेश के लिए रवाना हुआ था। बांग्लादेश नौसेना और ढाका मेडिकल कॉलेज के लिए एक-एक 960 एलपीएम क्षमता का मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट (एमओपी) लेकर यह जहाज आज चटगांव पहुंचा। बांग्लादेश में भारतीय उच्चायोग ने ट्वीट किया कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई का समर्थन करने के लिए भारत के लोगों की ओर से बांग्लादेश के लोगों को उपहार में देने के लिए 2 मोबाइल ऑक्सीजन प्लांट लेकर पहुंचा है। बांग्लादेश के अधिकारियों ने औपचारिक रूप से भारतीय जहाज का स्वागत किया।

आईएनएस सावित्री विशाखापत्तनम स्थित पूर्वी नौसेना कमान के तहत भारतीय नौसेना का स्वदेश निर्मित अपतटीय गश्ती पोत है। भारत सरकार के विजन सागर (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) के हिस्से के रूप में भारतीय नौसेना दक्षिण, दक्षिण पूर्व एशिया और पूर्वी अफ्रीका सहित महासागर क्षेत्र के देशों के साथ सक्रिय रूप से जुड़ रही है और संपूर्ण सीमा तक फैले कई मानवीय मिशनों में सबसे आगे रही है। इससे पहले भारतीय नौसेना के जहाज शक्ति ने 100 टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (एलएमओ) कोलंबो, श्रीलंका पहुंचाई थी। इसके अलावा आईएनएस ऐरावत वर्तमान में इंडोनेशिया, वियतनाम और थाईलैंड को चिकित्सा सहायता के ट्रांस-शिपमेंट के लिए दक्षिण पूर्व एशिया में तैनात है।

बयान में कहा गया है कि भारत और बांग्लादेश के बीच लंबे समय से चले आ रहे घनिष्ठ संबंधों में गतिविधियों और बातचीत का एक व्यापक स्पेक्ट्रम शामिल है, जो पिछले कुछ वर्षों में और मजबूत हुआ है। भारत और बांग्लादेश के लोग भी घनिष्ठ सांस्कृतिक बंधन और लोकतांत्रिक समाज की एक साझा दृष्टि और एक नियम-आधारित व्यवस्था साझा करते हैं।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *