किश्तवाड़ में बादल फटने से चार लोगों की मौत, 40 अभी भी लापता

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पूरे इलाके में रेड अलर्ट घोषित, कई गांवों को खाली करवाया गया

 घायलों को एयरलिफ्ट करने के लिए वायुसेना से भी संपर्क साधा गया



जम्मू, 28 जुलाई (हि.स.)। जम्मू संभाग के जिला किश्तवाड़ के होंजर डच्चन (अनंतनाल्लाह) गांव में बुधवार सुबह बादल फटने से भीषण तबाही हुई है। अब तक चार शव बरामद किये जा चुके हैं जबकि लापता करीब 40 लोगों की तलाश की जा रही है। पूरे इलाके में रेड अलर्ट घोषित किया गया है और कई गांवों को खाली करवाया गया है।

बादल फटने से होंजर गांव के 8-9 मकान ध्वस्त हो गए हैं। इन घरों में रहने वाले परिवारों के सदस्य मलबे में दब गए हैं। आर्मी और एसडीआरएफ और स्थानीय लोगों की मदद से चलाए जा रहे बचाव कार्य में अब तक चार लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं जबकि करीब 40 लोग अभी भी लापता हैं जिनकी तलाश जारी है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, सेना और आपदा प्रबंधन की टीमें भी मौके पर पहुंच गईं हैं।

किश्तवाड़ में पिछले 12 घंटों के भीतर दो जगह बादल फटने की घटनाएं हुईं हैं। पहली घटना किश्तवाड़ के गुलाबगढ़ चशौती में मंगलवार शाम को हुई। इस घटना में किसी प्रकार के जान माल की कोई सूचना नहीं है परंतु नालों में आए तेज उफान की वजह से चार पुल बह गए हैं और कुछ मकानों को क्षति पहुंची है। इसके बाद आज सुबह किश्तवाड़ में होंजर डच्चन इलाके में बादल फटा है जिसकी चपेट में आने से जान व माल का काफी नुकसान हुआ है। आठ घर जमीन में दफन हो गए हैं। इन घरों में रहने वाले परिवारों के लगभग 40 सदस्य अभी भी लापता हैं। पूरे इलाके में रेड अलर्ट घोषित किया गया है और कई गांवों को खाली करवाया गया है।

किश्तवाड़ के जिला उपायुक्त ने बताया कि यह गांव पहाड़ी व दुर्गम इलाका है जो लगभग 20 किलोमीटर लंबा है और इस इलाके में वाहन जाने की कोई सुविधा नहीं है। कई और बचाव दल मदद के लिए मौके पर भेजे गए हैं लेकिन उन्हें पहुंचने में अभी समय लग सकता है। अभी तक स्थानीय लोगों ने ही पुलिस, सेना की मदद से बचाव कार्य जारी रखा हुआ है। उन्होंने बताया कि अभी भी तेज बारिश हो रही है। इसके चलते किश्तवाड़ के ऊंचाई वाले इलाकों में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है और कई गांवों को खाली करवाया गया है।

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने ट्वीट कर जानकारी दी कि आर्मी और एसडीआरएफ की मदद से बचाव कार्य जारी है। 30-40 लोग अब भी लापता हैं। घायलों को एयरलिफ्ट करने की जरूरत पड़ने पर वायुसेना से भी संपर्क साधा गया है। ऐसे मामले में नौसेना से भी मदद ली जाएगी।


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