जूता मारने वाली बसपा कैसे करने लगी ब्राह्मणों का सम्मान : महंत नरेंद्र गिरि

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चुनाव से पहले सपा-बसपा को क्यों ब्राह्मणों की याद आयी ?

जातीय आधार पर सम्मेलन चुनाव आयोग को संज्ञान में लेना चाहिए



प्रयागराज, 26 जुलाई (हि.स.)। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने बसपा पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कभी ‘तिलक-तराजू और तलवार’ का नारा देने वाली पार्टी सिर्फ सियासी फायदे के लिए ब्राह्मण सम्मेलन कर रही है।

महंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि पहले ब्राह्मणों को जूते मारने की बात करने वाली पार्टी को अचानक कैसे उनके सम्मान की याद आ गई है। इसके जरिए हिंदुओं को जातियों में बांटने की कोशिश हो रही है। जाति के नाम पर सम्मेलन करना पूरी तरह से गलत है।

महंत ने कहा कि ब्राह्मण समाज के लोग बुद्धिजीवी हैं, उन्हें अपने नफे नुकसान का ठीक से अंदाजा भी है और इसलिए बसपा और सपा समेत कोई भी अन्य पार्टी उन्हें किसी तरह बरगला नहीं सकती है। ब्राह्मणों को पता है कि उन्हें कहां वोट करना चाहिए और कहां उनका फायदा है। जातीय आधार पर हो रहे राजनीतिक सम्मेलनों को लेकर चुनाव आयोग को भी संज्ञान लेना चाहिए।

महंत नरेंद्र गिरि ने सम्मेलनों पर फौरन रोक लगाये जाने की मांग की है। कहा है कि साधु संत और आरएसएस हिंदू समाज को एकजुट करने में लगे हुए हैं। जबकि सियासी पार्टियां उन्हें जातियों में बांट कर अपना हित साधने में लगी हैं। अखाड़ा परिषद अध्यक्ष ने सवाल किया कि चुनाव से पहले ही सपा-बसपा को क्यों ब्राह्मणों की याद आयी है। उन्होंने सुझाव दिया है कि जातीय सम्मेलनों के बजाय विकास के मुद्दे पर अपनी नीतियों और कार्यक्रमों के जरिये सियासी पार्टियों को जनता से वोट मांगना चाहिए।


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