लाल किले के पास फर्जी ‘टेलीफोन एक्सचेंज’ का खुलासा

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नई दिल्ली, 08 जुलाई (हि.स.)। राजधानी के लाल किले के पास चलाए जा रहे अवैध ‘टेलीफोन एक्सचेंज’ का पुलिस ने मंगलवार को पर्दाफाश किया है। इस एक्सचेंज को सील कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। एक्सचेंज चलाने वाले की तलाश में दिल्ली-यूपी में दर्जनों स्थानों पर छापेमारी की जा रही है। इस ‘टेलीफोन एक्सचेंज’ से सरकार को तो चूना लगाया ही जा रहा था, साथ ही इससे देश की खुफिया इकाइयों को भी चकमा दिया जा रहा था।

दिल्ली पुलिस की एंटी टेरर यूनिट और डिपार्टमेंट ऑफ टेलिकॉम की सिक्योरिटी विंग ने इस फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज का भंडाफोड़ किया। छापेमारी में बड़े पैमाने पर सर्वर, राउटर व अन्य सामान बरामद हुए हैं। यह एक्सचेंज लाल किला से महज 2 किलोमीटर की दूरी पर पुरानी दिल्ली के अंसारी रोड से चलाया जा रहा था। पुलिस की मानें तो इसे नवाब खान नाम का शख्स चला रहा था। वह उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। फिलहाल पुलिस नवाब खान की तलाश में है, जो कि फरार है।

यह एक्सचेंज भारत में आने वाली इंटरनेशनल कॉल को सर्वर के जरिए लोकल कॉल में बदल देता था। इसलिए भारत सरकार की इंटरनेशनल कॉल को लेकर बनाई गई पॉलिसी इंटरनेशनल लांग डिस्टेंस गेटवे को बाइपास करके विदेशों से आने वाली इंटरनेट कॉल सीधा पुरानी दिल्ली में चल रहे इस सर्वर पर आती थी। इसके बाद इस सर्वर के जरिए इंटरनेट कॉल वॉइस कॉल में तब्दील होकर लोकल नंबर में बदल जाती थी।

चूंकि इस एक्सचेंज में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए अंतर्राष्ट्रीय कॉल्स को लोकल कॉल में बदलने का गोरखधंधा चल रहा है। इसलिए यहां आने वाले संदिग्ध काल को ट्रेस करना खुफिया इकाइयों के लिए मुश्किल था। बाहर से कॉल करने वाले भारत में मौजूद किसी भी शख्स तक आसानी से पहुंच जाते थे लेकिन इंटरनेशनल कॉल का पता नहीं लगाया जा सकता था क्योंकि यहां कॉल को लोकल में कन्वर्ट कर दिया जा रहा था। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां व खुफिया इकाइयों के लिए इसे ट्रैक करना संभव नहीं था। इसलिए इसे सुरक्षा के लिहाज से बड़ा खतरा माना जा रहा है।


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