08 जुलाई: इतिहास के पन्नों में

0

चंद्रशेखर का निधनः लंबे समय तक भारतीय राजनीति को प्रभावित करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर का 08 जुलाई 2007 को दिल्ली के अस्पताल में निधन हो गया। उत्तर प्रदेश के बलिया जिला स्थित इब्राहिमपट्टी गांव के किसान परिवार में पैदा हुए चंद्रशेखर अपने दौर के दूसरे नेताओं के मुकाबले विशिष्ट पहचान रखते थे। गरम स्वभाव, बेबाक अंदाज के कारण प्रशंसकों के बीच वे ताउम्र युवा तुर्क और अध्यक्ष जी के रूप में मशहूर रहे।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में मास्टर डिग्री लेने के बाद वे आचार्य नरेंद्र देव से प्रभावित होकर समाजवादी आंदोलन से जुड़े। वर्ष 1962 में वे उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए चुने गए। साल 1965 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल होने वाले चंद्रशेखर को कांग्रेस संसदीय दल का महासचिव बनाया गया। संसद सदस्य के रूप में उन्होंने वंचित तबकों की हिमायत करते हुए ताकतवर वर्गों के प्रभुत्व को चुनौती दी। उसके बाद वे युवा तुर्क के रूप में मशहूर हुए। वे 1969 में दिल्ली से प्रकाशित साप्ताहिक पत्रिका यंग इंडियन के संस्थापक एवं सम्पादक रहे।

सामाजिक परिवर्तन की राजनीति का समर्थन करने वाले चंद्रशेखर का जल्द ही कांग्रेस से मोहभंग हो गया। वर्ष 1973 में चंद्रशेखर लोकनायक जयप्रकाश नारायण के करीब आए। 25 जून 1975 को आपातकाल घोषित किये जाने के समय आंतरिक सुरक्षा अधिनियम के तहत चंद्रशेखर को भी गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के केंद्रीय चुनाव समिति और कार्यसमिति के सदस्य थे। आपातकाल के दौरान जेल में बिताए गए समय को उन्होंने डायरी में कलमबद्ध किया, जो बाद में -मेरी जेल डायरी- के नाम से प्रकाशित हुई।

जनता पार्टी के निर्माण में अहम भूमिका अदा करने वाले चंद्रशेखर 1977 से 1989 तक जनता पार्टी के अध्यक्ष रहे। उन्होंने छह जनवरी 1983 से 25 जून 1983 तक कन्याकुमारी से दिल्ली स्थित महात्मा गांधी की समाधि राजघाट तक लगभग चार हजार,260 किलोमीटर की पदयात्रा की। उन्होंने कार्यकर्ताओं को सामाजिक एवं राजनीतिक प्रशिक्षण के लिए केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मप्र, उप्र सहित देश के विभिन्न हिस्सों में 15 भारत यात्रा केंद्रों की स्थापना की। वर्ष 1977 से उन्होंने उत्तर प्रदेश की बलिया लोकसभा सीट से आठ बार जीत हासिल की। साल 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद उपजी लहर के दौरान हुए चुनाव में वे इस सीट से हार गए।

चंद्रशेखर ने उस समय भी महत्वपूर्ण राजनीतिक भूमिका निभाई, जब कांग्रेस के खिलाफ एकबार फिर राजनीतिक गोलबंदी हुई और जनता दल का गठन हुआ। विश्वनाथ प्रताप सिंह सरकार से गहरे विरोध के बाद उन्होंने समाजवादी जनता पार्टी की स्थापना की और कांग्रेस के सहयोग से सात महीने तक प्रधानमंत्री के पद पर रहे। अपने भाषणों के लिए मशहूर चंद्रशेखर को 1995 में सर्वश्रेष्ठ सांसद का खिताब हासिल हुआ।

अन्य अहम घटनाएंः

1497ः पुर्तगाली नाविक वास्को डि गामा अपने जहाज से रवाना हुए और समुद्र से भारत की यात्रा करने वाले पहले यूरोपीय बने।

1776ः अमेरिका में कर्नल जॉन निक्सन ने स्वतंत्रता की घोषणा को पहली बार सार्वजनिक रूप से पढ़ा।

1836ः महान वैज्ञानिक चार्ल्स डार्विन शोध करने सेंट हेलेना पहुंचे।

1914ः पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री ज्योति बसु का जन्म।

1972ः भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली का जन्म।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *