एम्स से छुट्टी आसाराम को , जेल भेजा, पुलिस ने समर्थकों को खदेड़ा

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जोधपुर, 24 जून (हि.स.)। अपने ही आश्रम की नाबालिग छात्रा से यौन शोषण के आरोप में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम की तबीयत अब पूरी तरह से ठीक है। पोस्ट कोरोना दिक्कतों के बाद जोधपुर एम्स में भर्ती आसाराम को अब वापस जेल भेज दिया गया है। आसाराम को गुरुवार को ही एम्स से डिस्चार्ज कर जेल भेजा गया है। इस संबंध में एम्स की तरफ से जेल प्रशासन को सूचना भेजी गई। पुलिस ने समर्थकों को डंडे से फटकार कर भगाया। सुरक्षा गार्डों ने अस्पताल परिसर को पूरी तरह घेर लिया।

एम्स सूत्रों का कहना है कि आसाराम को अब अस्पताल में भर्ती रहने की आवश्यकता नहीं है। उसका इलाज कर रहे डॉक्टरों ने उसे पूर्ण स्वस्थ घोषित कर डिस्चार्ज करने लायक बता दिया है। आसाराम का इलाज कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि आसाराम के शरीर के सारे अंग सामान्य तरीके से काम कर रहे हैं। अब उसे कोई विशेष बीमारी नहीं है। इससे पहले एम्स में भर्ती कराए जाने के बाद आसाराम ने इलाज लेने से मना कर दिया था। वह आयुर्वेद से ही अपना इलाज कराने की मांग करता रहा। बाद में डॉक्टरों के समझाने पर वह इलाज में सहयोग देने को तैयार हो गया। उसे सांस लेने में दिक्कत के साथ ही यूरिन इंफेक्शन बढ़ने की समस्या थी। अब इन दोनों का इलाज हो चुका है।

उल्लेखनीय है कि गत माह के पहले सप्ताह में आसाराम कोरोना संक्रमित पाया गया था। इसके बाद उसे पहले महात्मा गांधी व बाद में एम्स में भर्ती करवा कर इलाज कराया गया। इस दौरान उसने हाईकोर्ट में अपनी बीमारी का इलाज आयुर्वेद्ध पद्धति से कराने के लिए जमानत याचिका दाखिल की। हाईकोर्ट के आदेश पर एम्स के मेडिकल बोर्ड ने उसकी मेडिकल रिपोर्ट पेश की। इसके आधार पर उसकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया। हाईकोर्ट के इस आदेश को आसाराम ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे रखी है। वहां भी सुनवाई कुछ दिनों के लिए टल गई है।

गौरतलब है कि अगस्त 2013 में जोधपुर के एक आश्रम में अपने गुरुकुल की एक नाबालिग छात्रा के यौन उत्पीड़न का आरोप लगा था। इसके बाद आसाराम को गिरफ्तार कर लिया गया था। तब से वह जोधपुर जेल में बंद है। अप्रैल 2018 में उसे मरते दम तक जेल में रहने की सजा सुनाई गई थी। आसाराम अब तक 15 से अधिक बार जमानत हासिल करने का प्रयास कर चुका है। देश के नामी वकील उसकी तरफ से पैरवी कर चुके है, लेकिन हर बार उसकी याचिका खारिज होती रही है। उसकी एक जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट में लंबित चल रही है।

 


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