खुलासा पहली पैथोलॉजिकल ऑटोप्सी रिपोर्ट में , किडनी को भी नुकसान पहुंचाता है कोरोना फेफड़ों के साथ

0

कोलकाता, 09 जून (हि.स.)। कोरोना संक्रमण से फेफड़े समेत किडनी को व्यापक नुकसान होता है। फेफड़ों की परत लगभग नष्ट हो जाती है। इसलिए मरीज की सांसें फूलने लगती हैं। कोरोना वायरस ने किडनी को भी काफी नुकसान पहुंचाया है। राज्य में कोरोना मरीज की मौत के बाद की गई पहली पैथोलॉजिकल ऑटोप्सी रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।
कोरोना संक्रमण से मृत ‘गणदर्पण’ समूह के मुखिया ब्रज राय की मेडिकल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट बुधवार को स्वास्थ्य भवन को सौंपी गई है। सूत्रों ने बताया कि उनके गुर्दे और फेफड़ों में महत्वपूर्ण बदलाव देखे गए। गुर्दे और फेफड़ों के अंदर और बाहर कुछ क्रोनिक परिवर्तन पाए गए हैं। अचानक जो बदलाव हुए हैं, वे मुख्य रूप से कोरोना के कारण माने जा रहे हैं। कोशिकाओं में भी कई बदलाव देखे गए हैं। जैसे-जैसे दिन बीतेंगे, और अधिक विस्तृत शोध किया जाएगा।
 ब्रज राय ने मौत से पहले निर्णय लिया था कि चिकित्सकों और विशेषज्ञों को यह जानने की जरूरत है कि अगर कोरोना शरीर के अंदरूनी हिस्से में बस गया तो क्या बदलेगा। इसलिए उन्होंने शरीर दान किया था और मौत के बाद ऑटोप्सी कर जांच की सहमति दी थी। अब तक जो पता चला है वह यह है कि जब आप कोरोना से संक्रमित होते हैं तो फेफड़े बदल रहे होते हैं। फेफड़ों में संक्रमण इतना गंभीर होता जा रहा है कि मरीज की मौत हो रही है। संयोग से ब्रज रॉय पहले से ही किडनी की बीमारी से पीड़ित थे। लेकिन कुछ चीजें ऐसी भी होती हैं, जो कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद होती हैंम। उनके पैथोलॉजिकल पोस्टमॉर्टम से पता चलता है कि जब कोरोना प्रभावित होता है तो फेफड़े और किडनी बदल जाते हैं।
उल्लेखनीय है कि ब्रज रॉय अंग दान आंदोलन के अग्रणी थे।उन्होंने शरीर दान और अंगदान जैसे आंदोलन को बंगाल में लोकप्रिय और उपयोगी बनाने के लिए अथक प्रयास किया। साथ ही लंबे समय तक वाम आंदोलन से जुुड़े रहे। उन्हें कई तरह की बीमारियां थीं। गत मई महीने में शाारीरिक समस्याओं के साथ एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहीं कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। वहीं 74 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *