मर गए 1000 से ज्यादा डॉक्टर कोरोना की डबल डोज के बावजूद: रामदेव

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हरिद्वार, 24 मई (हि.स.)। एलोपैथी पर अपनी टिप्पणी के लिए सुर्खियां बन चुके योग गुरु स्वामी रामदेव अब एक मोबाइल संदेश को लेकर विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं। यह अलग बात है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन के हस्तक्षेप पर वह ऐलोपैथी पर अपनी टिप्पणी वापस ले चुके हैं।
स्वामी रामदेव रोजाना सुबह लगभग 4:30 से 7 बजे तक पतंजलि योगपीठ और अन्य जगहों से अपने भक्तों को योग की क्रियाए सिखाते हैं। इसी दौरान बाबा रामदेव  वीडियो में कहते सुनाई दे रहे हैं कि 1000 से ज्यादा डॉक्टर वैक्सीन की डबल डोज लगाने के बाद मर गए हैं। जो अपने आपको ही नहीं बचा पाए वो कैसी डॉक्टरी। वो डॉक्टर (टर्र-टर्र कहकर) शब्द का मजाक भी बना रहे हैं।
इस वीडियो का सही समय और तारीख साफ नहीं हो सकी है,  लेकिन स्वामी रामदेव डॉक्टरों पर तंज कसते हुए ये जरूर कहते सुनाई दे रहे हैं कि डॉक्टर बनना है तो स्वामी रामदेव जैसा बनो, जिसके पास कोई डिग्री नहीं है लेकिन वो फिर भी सबका डॉक्टर है।
उल्लेखनीय है कि अभी दो दिन पहले ही सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो का हवाला देते हुए भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) ने कहा था कि रामदेव ने दावा किया है कि एलोपैथी मूर्खतापूर्ण विज्ञान है और भारत के औषधि महानियंत्रक द्वारा कोविड-19 के इलाज के लिए मंजूर की गई रेमडेसिविर, फेवीफ्लू तथा ऐसी अन्य दवाएं बीमारी का इलाज करने में विफल रही हैं। आईएमए के अनुसार, रामदेव ने कहा कि एलोपैथी दवाएं लेने के बाद लाखों की संख्या में मरीजों की मौत हुई है। भारतीय चिकित्सा संघ ने रामदेव के बयान को अज्ञानता भरी टिप्पणी करार दिया था और मांग की थी कि कथित रूप से लोगों को भ्रमित करने और एलोपैथी दवाओं को मूर्खतापूर्ण विज्ञान बताने के लिए योगगुरु बाबा रामदेव के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने रामदेव को पत्र लिखकर विवादित बयान वापस लेने को कहा था।

 


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