एनडीआरएफ की 100 टीमें तैयार‘तौकते’ से निपटने के लिए , राज्यों को संभावित तैयारियों को लेकर निर्देश जारी

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नई दिल्ली, 15 मई (हि.स.)। अरब सागर में बने कम दवाब के क्षेत्र के चलते बने चक्रवाती तूफान ‘तौकते’ धीरे-धीरे गुजरात उत्तर और उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ रहा है और इसके 18 मई को गुजरात के तट से टकराने की आशंका है। केन्द्र सरकार ने इन राज्यों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की 100 टीमें तैनात करने का फैसला किया है। राज्यों को परामर्श जारी किए हैं और संभावित नुकसान के प्रति चेतावनी जारी कर जान-माल की सुरक्षा के लिए सतर्क किया है।

तौकते तूफान वर्तमान में लक्षद्वीप और केरल तट के नजदीक है और यह धीरे-धीरे उत्तर की ओर बढ़ रहा है। तूफान जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा, पूर्वी तटों के नजदीकी राज्यों केरल, कनार्टक, गोवा, महाराष्ट्र और गुजरात में तेज हवाएं चलने और मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। तूफान के चलते तमिलनाडु में आज और पश्चिम राजस्थान में 18 और 19 मई को बारिश हो सकती है। तूफान 18 मई को गुजरात के पोरबंदर के आस-पास टकरायेगा। इससे वहां बढ़े स्तर पर नुकसान हो सकता है।

एनडीआरआफ ने इस संबंध में तैयारियां की है और राज्यों में 43 टीमें तैनात भी कर दीं है। इनकी संख्या पहले 53 से बढ़ाकर अब 100 कर दिया गया है। प्रत्येक टीम में 35 से 40 जवान होंगे। कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए बचाव उपायों से जुड़े दिशा-निर्देशों में भी बदलाव किया गया है। बचाव केन्द्रों में लोगों की संख्या कम रखने और समाजिक दूरी के पालन पर ध्यान दिया जाएगा। खास बात यह है कि एनडीआरएफ की टीम के सभी सदस्यों का टीकाकरण किया जा चुका है और उन्हें सभी उपयुक्त उपकरण दिए जा चुके हैं जिन्हें बचाव कार्यों में इस्तेमाल किया जाएगा।

एनडीआरएफ के महानिदेशक सत्य नारायण प्रधान ने कहा है कि आज ओडिशा और पंजाब से एनडीआरएफ की 13 टीमों को वायुमार्ग से गुजरात भेजा गया है। उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ की 100 टीमों को इस काम में लगाया गया है। 42 टीमें तैनात कर दी गई हैं, 26 टीमें सटेंडबाय पर है और 32 टीमें देशभर में इसके लिए समर्पित रखी गई हैं जिन्हें तुरंत वायुमार्ग से आपदा सहायता के लिए भेजा जाएगा।

केन्द्र सरकार ने तूफान को लेकर चेतावनी जारी की है और प्रभावित राज्यों के अधिक प्रभावित तटीय क्षेत्रों से तुरंत लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिये हैं। साथ ही इन राज्यों में मछली पकड़ने संबंधी सभी गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने को कहा गया है। उत्तरी क्षेत्र में जहां मछुआरे नावों के साथ समुद्र में हैं उन्हें तुरंत वापिस आने को कहा गया है।

तूफान जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा इसकी गति लगातार बढ़ती जाएगी। यह 45-55 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से गुजरात तट के नजदीक आते-आते 155-165 किमी प्रति घंटा की रफ्तार तक जाएगा। गुजरात के तटों पर तूफान के चलते 2-3 मीटर ऊंची लहरें आ सकती है।

मौसम विभाग का कहना है कि तूफान से गुजरात के देवभूमि द्वारका, कच्छ, पोरबंदर, जामनगर, गिर और सोमनाथ में नुकसान हो सकता है। यहां बिजली और मोबाइल सेवा प्रभावित होना, पेड़ों का उखड़ना, फसलों को नुकसान हो सकता है। सरकार ने प्रभावित क्षेत्र में लोगों को घरों में ही रहने की सलाह दी है। साथ ही प्रशासन को सलाह दी है कि वह इन क्षेत्रों में आवागमन को लेकर उचित प्रबंधन करें।

उल्लेखनीय है कि तौकते म्यांमार की ओर से दिया गया नाम है और इसका अर्थ छिपकली होता है। तूफान का असर पाकिस्तान तटीय इलाकों पर भी होगा।

 


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