38 वर्ष बाद नियमित हवाई सेवा शुरू रूपसी एयरपोर्ट से

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कोकराझार (असम), 08 मई (हि.स.)। 38 वर्ष बाद रूपसी हवाई अड्डे पर शनिवार को जब विमान उतरा तो वाटर सैल्यूट देकर उसका भव्य स्वागत किया गया। वहां उपस्थित हवाई अड्डा के अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन के लोगों ने भी स्वगत किया। इस मौके पर ख़ुशी जताते हुये कहा गया कि आज इस क्षेत्र के लोगों के लिये बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है।

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने क्षेत्रीय संपर्क योजना मार्गों के माध्यम से अंडर सेवारत और गैर-सेवारत हवाई अड्डों को जोड़ने के अपने निरंतर प्रयास में आज असम के कोकराझार जिला के रूपसी हवाई अड्डे से अपनी नियमित उड़ान सेवाएं शुरू की।

फ्लाइबिग एयरलाइन की पहली वाणिज्यिक हवाई जहाज शनिवार को 12.07 बजे रूपसी हवाई अड्डे पर जब उतरा तो एक नए युग की शुरुआत हो गई। हवाई जहाज के आगमन से पहले सभी सुरक्षा जांच और अनिवार्य सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। कोविड दिशा निर्देशों को ध्यान में रखते हुए सभी यात्रियों के लिए उचित प्रबंध सुनिश्चित किए गये। ज्ञात हो कि इससे पहले 05 मई, 2021 को उड़ान का परीक्षण किया गया था।

हवाई अड्डा प्रभारी (एएआई) ज्योतिर्मय बरुवा ने कहा कि आज पहली उड़ान में 24 यात्री गुवाहाटी से रूपसी पहुंचे। हम सभी के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण है। क्योंकि, नियमित उड़ान सेवाएं आरसीएस- यूडीएएन के तहत शुरू की गई है। यह सरकार का कार्यक्रम। यह सभी विशेष रूप से निम्न आय वर्ग की आबादी के लिए सस्ती उड़ान सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि उड़ान योजना छोटे गंतव्यों के लिए सस्ते हवाई किराए उपलब्ध कराती है।

उड़ान को भारत सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा बोली प्रक्रिया के माध्यम से उड़ान सेवा संचालित करने के लिए भारत सरकार के उड़ान-उड़े देश का आम नागरिक योजना के तहत सम्मानित किया गया। यह गुवाहाटी-रूपसी-कोलकाता मार्ग की उड़ानों का संचालन करेगा। प्रारंभ में यह एयरलाइन मंगलवार, गुरुवार, शनिवार और रविवार को संचालित होगा।

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने असम में स्थित द्वितिय विश्व युद्ध के हवाई पट्टी को 69 करोड़ रुपये की लागत से फिर से विकसित किया है। फरवरी 2018 में असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल द्वारा इस हवाई पट्टी के पुनरनिर्माण विकास परियोजना की आधारशिला रखी गई थी। 337 एकड़ में फैले नए विकसित हवाई अड्डे में 3,500 वर्गमीटर का एक टर्मिनल भवन है। 10 चेक-इन काउंटरों से लैस, टर्मिनल को पीक ऑवर्स के दौरान लगभग 200 यात्रियों की सेवा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

नवनिर्मित रनवे एटीआर -72 प्रकार के विमान को उतारने के लिए उपयुक्त है। रूपसी हवाई अड्डे के परिचालन से बोडोलैंड क्षेत्र की स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी और धुबरी, बंगाईगांव, कोकराझार, ग्वालपारा के आस-पास के जिलों के हवाई यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। साथ ही पड़ोसी राज्य मेघालय, पश्चिम बंगाल के साथ ही पड़ोसी देश भूटान के कुछ हिस्सों को भी इसका लाभ मिलेगा। वर्तमान कोविड स्थिति के कारण इस अवसर पर एएआई द्वारा कोई भव्य उद्घाटन कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया गया था।

भविष्य में कोरोना की स्थिति में सुधार होने पर उद्घाटन समारोह आयोजित किया जाएगा। शनिवार को इस ऐतिहासिक अवसर पर बोड़ोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल (बीटीसी) के कार्यकारी पार्षद अरूप कुमार दे, उकील मुसाहारी, नव निर्वाचित चापागुरी क्षेत्र के विधायक यूजी ब्रह्म, कोकराझार जिला के उपयुक्त भाष्कर फुकन, कोकराझार पुलिस अधीक्षक राकेश रौशन आदि मौजूद थे। पहले हवाई यात्री के रूप में गौरीपुर के विधायक निजनुर रहमान ने गुवाहाटी से रूपसी तक की यात्रा की।


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