23 अप्रैल: इतिहास के पन्नों में

0

शेक्सपियर का निधनः 23 अप्रैल 1616 को महान अंग्रेजी कवि एवं नाटककार विलियम शेक्सपियर का निधन हो गया। उनके नाटकों का दुनिया के तकरीबन सभी भाषाओं में अनुवाद हुआ है। खास बात यह है कि 16वीं शताब्दी के इस महान साहित्यकार की कृतियां आज भी प्रासंगिक है। वैश्विक स्तर पर शेक्सपियर की चर्चा के बिना साहित्य के विकास की यात्रा अधूरी है। प्रेम और आनंद के साथ गूढ़ जीवन दर्शन, उनके साहित्य का प्राण तत्व है, जिसकी जरूरत किसी भी काल में बनी रहेगी। उनके सबसे मशहूर नाटकों में ‘हेमलेट’ ‘रोमियो और जूलियट’ ‘मैकबेथ’ ‘मर्चेंट ऑफ वेनिस’ ‘जूलियस सीजर’ शामिल है। कहा जाता है कि उन्होंने तकरीबन 1700 अंग्रेजी शब्दों का सृजन किया। उनके रचे गए किरदारों के जरिये शेक्सपियर के कुछ मशहूर कथनः
‘दुनिया एक रंगमंच है और हर स्त्री-पुरुष एक पात्र। उनका प्रवेश और प्रस्थान होता है। एक व्यक्ति अपने जीवनकाल में कई किरदार निभाता है।’
 
‘नाम में क्या रखा है, अगर गुलाब को हम किसी और नाम से पुकारें तो भी वह सुगंध ही देगा।’ 
 
‘कुछ भी अच्छा या बुरा नही होता, हमारी सोच उसे अच्छा या बुरा बनाती है।’
 
‘महंगे उपहारों से ज्यादा महत्वपूर्ण है, जिन्हें उपहार दे रहे हैं उनका सम्मान हो।’
 
 
अन्य अहम घटनाएंः
1660ः स्वीडन और पोलैंड के बीच ओलिवा संधि पर सहमति।
1661ः ब्रिटिश सम्राट चार्ल्स द्वितीय का लंदन में राज्याभिषेक।
1858ः भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अमर योद्धा वीर कुंवर सिंह का निधन।
1969ः अभिनेता मनोज वाजपेयी का जन्म।
1981ः सोवियत संघ ने भूमिगत परमाणु परीक्षण किया।
1984ः वैज्ञानिकों ने एड्स वायरस की पहचान की।
1987ः उच्चतम न्यायालय ने विधवाओं को संपत्ति में हिस्से का हक दिया।
1992ः भारत के सर्वोच्च फिल्म निर्देशकों में शुमार सत्यजीत राय का निधन।
1995ः विश्व पुस्तक दिवस की शुरुआत।
2005ः यूट्यूब वेबसाइट पर पहला वीडियो अपलोड किया गया। यह वीडियो यूट्यूब के संस्थापक जावेद करीम की सान दिआगो चिड़ियाघर की यात्रा पर था। एक वर्ष के भीतर इस साइट पर तकरीबन 10 करोड़ वीडियो अपलोड किये गए।
 

 


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *