उद्योगों की ऑक्सीजन आपूर्ति तत्काल बंद कर अस्पतालों को दी जाए -हाईकोर्ट

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नई दिल्ली, 21 अप्रैल (हि.स.)। दिल्ली हाईकोर्ट ने ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे मैक्स अस्पताल, पटपड़गंज की याचिका पर सुनवाई करते केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वे उद्योगों को दी जाने वाली सप्लाई तुरंत बंद करके अस्पतालों को दें। जस्टिस विपिन सांघी की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि केंद्र मेडिकल ऑक्सीजन की सप्लाई सुनिश्चित करे और लोगों की जान की रक्षा करे। मेडिकल ऑक्सीजन की सप्लाई के लिए जो भी करना पड़े वो करे।

कोर्ट ने कहा मामला बेहद गम्भीर हैआज मैक्स अस्पताल आया है कल और लोग आएंगे। कोर्ट ने कहा कि अगर जरूरत पड़े तो स्टील और पेट्रोलियम उद्योगों को दी जानेवाली ऑक्सीजन की सप्लाई तत्काल रोककर अस्पतालों को दी जाये। केंद्र सरकार प्लांटों से ऑक्सीजन के परिवहन की व्यवस्था करे। जरूरत पड़ने पर ऑक्सीजन सिलेंडर को एयरलिफ्ट किया जाए।

सुनवाई के दौरान मैक्स अस्पताल ने कहा कि उसके पास मात्र दो से तीन घंटे की ऑक्सीजन बची है। अगर ऑक्सीजन खत्म हो गई तो चार सौ मरीजों की जान खतरे में पड़ जाएगी। इन चार सौ मरीजों में से 262 कोरोना के मरीज हैं। मैक्स अस्पताल ने कहा कि ऑक्सीजन की सप्लाई के लिए उसने केंद्र और दिल्ली सरकार से कई बार आग्रह किया लेकिन उसे ऑक्सीजन नहीं मिली।

ऑक्सीजन की सप्लाई करनेवाली कंपनी आईनॉक्स की ओऱ से पेश वकील राजीव नय्यर ने कहा कि वो अपनी क्षमता के मुताबिक ऑक्सीजन का उत्पादन कर रही है। कोर्ट ने कहा कि हमने देखा है कि नासिक में लीक होने की वजह से ऑक्सीजन की सप्लाई बाधित हुई और 22 लोगों की मौत हो गई। मैक्स अस्पताल में कोरोना मरीजों का इलाज चल रहा है, इसलिए वहां परेशानी और बढ़ सकती है। ऑक्सीजन सप्लाई की जिम्मेदारी केवल आईनॉक्स कंपनी पर नहीं डाली जा सकती है। यह केंद्र की जिम्मेदारी है कि वो सप्लाई सुनिश्चित करे।

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट में कहा कि ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली तमाम इंडस्ट्री सौ फीसदी ऑक्सीजन की सप्लाई कर रही हैं। केंद्र सरकार 24 घंटे ऑक्सीजन की सप्लाई पर नजर बनाए हुए है।तब दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि कल हमने ऑक्सीजन के मामले पर विस्तृत आदेश परित किया था, उसका क्या हुआ। कोर्ट ने केंद्र सरकार के वकील से कहा कि अगर इंडस्ट्री को ऑक्सीजन सप्लाई की जा रही है तो तुरंत रोक दिया जाए।

 


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