04 अप्रैल:इतिहास के पन्नों में

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देश-दुनिया के इतिहास में 04 अप्रैल का दिन रानी लक्ष्मीबाई के झांसी छोड़ने पर मजबूर होने,कांगड़ा घाटी में भूकंप और राष्ट्रीय धारा के कवि माखनलाल चतुर्वेदी के जन्मदिन के लिए भी याद किया जाता है।। वैसे तो यह दिन हिंदी पार्श्व गायक कुंदनलाल सहगल के जन्म और मार्टिन लूथर किंग की हत्या से भी जुड़ा है। रानी लक्ष्मीबाई को 1858 में भीषण युद्द के बाद झांसी छोड़ना पड़ा था। कुंदनलाल सहगल का जन्म 1904 में हुआ। कांगड़ा में भूकंप की घटना 1905 की है, तो मार्टिन लूथर किंग की हत्या 1968 में हुई थी।

माखनलाल चतुर्वेदी- ‘पुष्प की अभिलाषा’ शीर्षक कविता के अमर रचनाकार का जन्म वर्ष 1889 में 04 अप्रैल को मध्य प्रदेश के हौशंगाबाद में हुआ था। एक फूल के देवताओं के सिर चढ़कर इठलाने की जगह देशभक्तों के पथ पर बिछने की इच्छा पाले फूल के बारे में पढ़कर देशभाव सहज ही जाग पड़ता है। ये तो एक उदाहरण भर है। माखनलाल चतुर्वेदी ने स्वयं स्वतंत्रता आंदोलन में हिस्सा लिया और जेल भी गए। कवि, लेखक, पत्रकार चतुर्वेदी देशप्रेम और प्रकृति-प्रेम के रचनाकार माने जाते हैं। उन्हें देव पुरस्कार, साहित्य अकादमी पुरस्कार के साथ पद्मभूषण से भी सम्मानित किया गया। हिमकिरीटिनी, हिम तरंगिणी, युग चरण, समर्पण, मरण ज्वार, माता, वेणु लो गूंजे धरा आदि के इस रचयिता का 30 जनवरी, 1968 को निधन हो गया।

अन्य प्रमुख घटनाएंः      

 

1768: फिलिप एस्ले की ओर से माडर्न सर्कस का पहला शो पेश किया गया।

1769: हैदर अली ने पहले ऐंग्लो-मैसूर युद्ध में शांति की शर्तें तय कीं।

1818: अमेरिकी कांग्रेस की ओर से अमेरिका के झंडे को मंजूरी मिली।

1910: श्री अरबिंदो पुडुचेरी पहुंचे। यह स्थान उनके ध्यान और अध्यात्म का केन्द्र बना।

1944: द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ऐंग्लो अमेरिकी सेना की ओर से बुखारेस्ट में तेलशोधन संयंत्रों पर बमबारी में तीन हजार नागरिकों की मौत हो गई।

1968: नासा ने अपोलो 6 का प्रक्षेपण किया।

1979: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो को मौत की सजा।

 


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