नेता प्रतिपक्ष दो दिनों में मांफी मांगे नहीं तो केस करूंगा: रामसूरत राय

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मंंत्री रामसूरत राय ने कहा-जिस जमीन से शराब बरामद हुई वह मेरे भाई की है



पटना, 13 मार्च (हि.स.)। बिहार में भाजपा कोटे से राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री रामसूरत राय ने शनिवार को पार्टी कार्यालय में पत्रकार वार्ता कर विपक्षी दलों के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। मंत्री राय ने कहा कि तेजस्वी दो दिन में माफी मांगें, नहीं तो मानहानि का केस करूंगा।

मंत्री राम सूरत राय ने कहा कि जिस विद्यालय में शराब बरामदगी की बात नेता प्रतिपक्ष कर रहे हैं वह मेरे भाई का है और मैं भाई से अलग हूं। उन्होंने कहा कि वे एक राजनीतिक कार्यकर्त्ता हैं। अगर कोई मुझसे किसी विद्यालय का उद्घाटन करवाना चाहता है तो क्या मैं उसमें न जाऊं? क्या मुझे पहले सब सही-गलत पता करके जाना चाहिए? इसमें मेरी क्या गलती है? मैं भाई से अलग हूं लेकिन वह जिंदा रहे या मर जाए, भाई ही रहेगा। मेरे पिता समाज के प्रतिष्ठित व्यक्ति रहे हैं। उनके नाम कोई स्कूल खोलता है तो उसमें मैं क्या कर सकता हूं।

रामसूरत राय ने कहा कि वर्ष 2006 में ही हम दोनों के बीच मौखिक बंटवारा हो गया था। वर्ष 2012 में रजिस्टर्ड बंटवारा हो चुका है। जिस जमीन पर शराब मिली है वह मेरे भाई के नाम पर है और उसने 2014 में वह जमीन खरीदी थी। न तो उस केस में मेरा नाम है और न ही मेरी जमीन है तो इसमें मेरा नाम क्यों लाया जा रहा है। मेरे परिवार में कभी किसी ने शराब को हाथ भी नहीं लगाया है। मैं कृष्ण का वंशज हूं। आज भी गाय पालता हूं। हमलोग दूध का, अमृत का व्यापार करते हैं, जहर का नहीं। पिछले 100 दिनों में राजग गठबंधन सरकार में जो काम हुआ है, उससे विपक्षी दल घबरा गए हैं।

रामसूरत राय ने कहा कि अगर उस मामले में मेरा भाई भी दोषी पाया जाता है तो उसपर कार्रवाई की जाए और उसे सजा दी जाए। उन्होंने कहा कि मंत्री बनने के बाद उन्होंने अपने विभाग में जो काम किया है उससे लोगों में तिलमिलाहट है। यही वजह है कि मैं कुछ लोगों की आंखोंं में खटक रहा हूं। रामसूरत राय ने कहा कि बिहार ने भूमि सुधार की दिशा में जो कदम उठाया है उसके लिए चौतरफा सराहना हो रही है लेकिन यही बात कुछ लोगों के लिए बेचैनी बन गई है।

सदन से सड़क तक रामसूरत राय पर तकरार

विवाद बढ़ता देख भाजपा के मैनेजर्स ने भी मोर्चा संभाल लिया है। पहले सदन में उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद से तेजस्वी जबर्दस्त की नोकझोंक हुई। मामला बढ़ता देख विपक्षी सदस्यों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। इसके बाद विपक्षी स्पीकर के चेंबर के सामने धरने पर बैठ गए। बात यहां से भी नहीं बनी तो बाहर आकर रोड पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। पूरे मामले पर अब तक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कोई बयान नहीं आया है।

सदन में हंगामे के बाद राजद का राजभवन मार्च

विधानसभा पहुंचते ही राजद के नेताओं ने सदन में हंगामा शुरू कर दिया। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने सोमवार सुबह 10 बजे सर्वदलीय बैठक बुलाने की बात कही लेकिन तेजस्वी और उनके विधायक नहीं माने। हंगामा इतना बढ़ गया कि सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। बाद में आरजेडी विधायकों के साथ तेजस्वी यादव ने राजभवन मार्च शुरू कर दिया।

मुजफ्फरपुर के स्कूल से बरामद हुयी थी शराब

तीन दिन पहले मुजफ्फरपुर के एक स्कूल से बड़ी मात्रा में शराब बरामद हुआ था। तेजस्वी का आरोप है कि वह स्कूल भू-राजस्व मंत्री रामसूरत राय की है, जबकि रामसूरत राय का कहना है कि वह जमीन उनके भाई की है और लीज पर लेकर कोई तीसरा आदमी स्कूल चलाता है। उनको न तो अपनी भाई से कोई संबंध है और ना ही स्कूल से कुछ लेना-देना है।

 


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