जिबेश मिश्रा:बिहार पहला राज्य जहां 14 लाख श्रमिक आधार ऑथेंटिसिटी के साथ खड़े

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पटना, 10 मार्च (हि.स.)।बिहार सरकार के श्रम संसाधन मंत्री जिबेश मिश्रा ने बुधवार को पार्टी कार्यालय में विभाग के 100 दिनों का ब्योरा रखा। उन्होंने कहा कि दिसम्बर से फरवरी तक के दौरान 96,500,82 कामगार श्रमिकों का निबंधन किया गया है। अब तक कौशल विकास योजना के अन्तर्गत 10 लाख 11 हजार युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है। श्रम के क्षेत्र में बिहार पहला राज्य है जहां 14 लाख श्रमिक आधार ऑथेंटिसिटी के साथ खड़े हैं।

प्रत्येक अनुमंडल में सरकारी प्रशिक्षण संस्थान

मंत्री जिबेश मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में हमारी सरकार का मूल मंत्र ही ‘श्रमेव जयते’ है। हमारा मंत्रालय श्रमिकों के रोजगार और कौशल की अभिवृत्ति के लिए प्रयासरत है। राज्य के प्रत्येक अनुमंडल में आने वाले दिनों में सरकारी प्रशिक्षण संस्थान और हर जिले में मेगास्कील सेंटर, जिसमें सार्ट कोर्स लगाकर श्रमिकों को रोजगारोन्मुखी बनाया जायेगा। सभी अनुमंडल में हम अपने स्तर से टूल रुम खोलने जा रहे हैं, जिसमें आईटीआई से पासआउट छात्र अपने ज्ञान को बढायेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के 149 आईटीआई में से मात्र 45 आईटीआई ही राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीटी) से संबद्ध थे। गत 100 दिनों के भीतर श्रम संसाधन विभाग ने सभी 149 आईटीआई को एनसीवीटी से संबंद्ध कराकर बड़ी उपलब्धी हासिल की है।

टाटा टेक्नालॉजी 2,188 करोड़ रुपये का करेगी निवेश

जिबेश मिश्रा ने कहा कि टाटा संस की अनुषांगिक इकाई टाटा टेक्नोलॉजी की मदद से 60 आईटीआई भवन राज्य के विभिन्न जिलों में बनाये जाने का प्रस्ताव है। इसके लिए टाटा टेक्नोलॉजी 2,188 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इसमें 23 तरह के ट्रेंड को नए तरीके से टाटा टेक पढ़ायेगी। इसकी मदद से 15 हजार युवाओं को रोजगार परक शिक्षा दी जायेगी। सरकार ने 20 लाख युवाओं को गैर सरकारी और सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य रखा है। यह श्रम संसाधन की यह सबसे बड़ी उपलब्धि है। इस 2,188 करोड़ रुपये में से 88 प्रतिशत टाटा और 12 प्रतिशत बिहार सरकार निवेश करेगी। हीरो साइकिल के साथ भी एमओयू साइन किया है। बड़े पैमाने पर जॉब मिलेगा।

20 हजार से अधिक श्रमिक वाले जिलों में ईएसआई अस्पताल

जिबेश मिश्रा ने कहा कि 20 हजार से अधिक श्रमिक जिन जिलों में हो गये हैं, वहां ईएसआई अस्पताल बनेंगे।  मंत्रालय ने जमीन अधिग्रहण करने का आग्रह सभी जिलाधिकारियों को भेज दिया है। सभी जिलों में रोजगार केंद्र खोलेंगे, जिसका नाम सम्पर्क केंद्र रखा गया है। यहां श्रमिक अपनी जानकारी ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि रोजगार और आईटीआई को आत्मनिर्भर करना भी हमारा लक्ष्य है।

मंत्री ने कहा कि सात निश्चिय पार्ट-1 के तहत अब तक राज्यभर के 59 हजार वार्डों में नल-जल योजना का कार्य पूरा हो गया है। इसके लिए बड़ी संख्या में पॉल्मबर की आवश्यकता पड़ेगी। सात निश्चिय पार्ट-2 के तहत श्रम संसाधन मंत्रालय ने पीएचईडी विभाग के साथ एक एमओयू साइन किया है। इसके तहत 44 हजार आईटीआई को प्रशिक्षित कर पॉल्मबर के रूप में बहाल किया जाएग, जिनका मानदेय आठ हजार रुपये होगा।

जिबेश मिश्र ने कहा कि 280 करोड़ रुपये 2020-21 वित्त वर्ष में अभी तक उपकर (सेस) के रूप में वसूला गया था। इसमें से 102 करोड़ केवल तीन महीने में उपकर के रूप में आया है। राज्य सरकार कौशल विकास एवं रोजगार के लिए उद्यमिता मंत्रालय बना रही है। इससे लोगों को रोजगार के बारे में जानकारी मिलेगी। उन्होंने कहा कि रोजगार पोर्टल बनवाया जा रहा है, जिसमें रोजगार देने वाले और रोजगार पाने वाले एक ही पोर्टल पर रहेंगे। सभी निबंधित कर्मियों को आयुष्मान भारत कार्ड से जोड़ा जायेगा।

 


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