नई दिल्ली, 04 मार्च : दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी मुख्यालय में दिनांक 4 मार्च 2021 को “कोरोना एवं अन्य बीमारियों में आयुर्वेदिक दवाओं का महत्व” विषय पर भाषण का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम दिल्ली लाइब्रेरी बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. रामशरण गौड़ के दिशानिर्देशानुसार किया गया तथा दिल्ली लाइब्रेरी बोर्ड के सदस्य, श्री दानिश इक़बाल कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वक्ता के रूप में जीवा आयुर्वेद से डॉ. कुमार आनंद उपस्थित रहे।
डॉ. कुमार आनंद ने श्रोताओं को कोरोना महामारी के विषय में विस्तार से बताते हुए कहा कि यह बहुत की तीव्रता से फैलने वाला वायरल संक्रमण है जिसका भारतीयों ने बहुत ही बहादुरी से सामना किया है। इस बीमारी का संक्रमण इम्यूनिटी पर निर्भर करता है। सबके अंदर इम्यूनिटी एक जैसी होती है परन्तु हमारे खान-पान से यह बढ़ती या घटती है। आयुर्वेद में इम्यूनिटी को ओज के रूप में जाना जाता है। यह सात धातुओं से मिलकर बनने वाला सबसे तेजस्वी अंश है। अतः ओज को यशस्वी बनाने हेतु हमारे शरीर में जितनी भी धातुएं हैं उन सबका यशस्वी होना आवश्यक है। इसके लिए उचित खुराक, मनो सामाजिक व्यवहार तथा पूर्ण निद्रा लेना जरुरी है। कोरोना व अन्य बीमारियों से बचे रहने के लिए हमें आयुर्वेद को अपने जीवन में उतारना चाहिए। इसके उपयोग से एलोपैथिक दवाईयों को लेने की आवश्यकता नहीं होगी, साथ ही आयुर्वेद का शरीर पर कोई नुकसान नहीं होता बल्कि यह शरीर के प्रत्येक अंग के लिए कल्याणकारी कार्य करता है। उन्होंने त्रिफला, गिलोय, आंवला, अश्वगंधा जैसी औषधियों के गुणकारी उपयोगों के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि ये शरीर पर होने वाले दुष्प्रभाव को रोकते हैं।
श्री दानिश इकबाल ने आयुर्वेद के महत्व, उसके गुण, लाभ से श्रोताओं को रूबरू करवाने तथा आयुर्वेद के प्रति जागरूकता फैलाने के कार्य हेतु डॉ. कुमार आनंद का अभिनंदन किया। उन्होंने एक प्राचीन कथा के माध्यम से आयुर्वेद के गुणकारी तत्वों के बारे में श्रोताओं को बताया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद हमारी संस्कृति की एक अतुल्य धरोहर है जिसके नियमित प्रयोग से हमारा शरीर रोगों से मुक्त रहता हैI हमें अपने स्वास्थ्य के विषय में खुद जागरूक होने की आवश्यकता है। इसके लिए युवाओं का जागृत होना तथा अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाना चाहिए। अगर युवा स्वस्थ रहेंगे तो देश स्वास्थ्य रहेगा, विकसित होगा। उन्होंने सभी से नियमित रूप से योगा करने का आग्रह किया।
अपने वक्तव्य के पश्चात डॉ. कुमार आनंद द्वारा श्रोताओं के प्रश्नों के उत्तर दिए गए। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।