बंगाल का वास्तविक परिवर्तन हमारा ध्येय,सत्ता परिवर्तन ही नहीं: नरेन्द्र मोदी

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कोलकाता, 22 फरवरी (हि.स.)। एक दिवसीय दौरे पर सोमवार को पश्चिम बंगाल पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा  बंगाल में सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं चाहती है, बल्कि वास्तविक परिवर्तन करना चाहती है।
पीएम ने कहा कि हमें उन सपनों को पूरा करना है, जिसे बंगाल का युवा समाज देखता है। बंगाल के लोग पहले ही परिवर्तन का मन बना चुके हैं। मोदी ने बंगाल के लोगों को आश्वासन दिया है कि बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बन जाने के बाद राजनीतिक हिंसा के डर को समाप्त किया जाएगा।
डनलप मैदान में उमड़ी समर्थकों की भीड़ से उत्साहित नरेन्द्र मोदी ने कहा कि यह जनसैलाब बहुत बड़ा संदेश दे रहा है। पश्चिम बंगाल अब परिवर्तन चाहता है। बंगाल के लोगों ने परिवर्तन का मन बना लिया है। भाजपा उस सोनार बांग्ला के निर्माण के लिए काम करेगी, जिसमें यहां का इतिहास और संस्कृति दिनों-दिन मजबूत होगी। ऐसा बंगाल होगा जहां आस्था, अध्यात्म और उद्यम सबका सम्मान होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जितनी भी सरकारें पश्चिम बंगाल में रहीं, उन्होंने इस ऐतिहासिक क्षेत्र को अपने ही हाल पर छोड़ दिया। यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर को, यहां की धरोहर को बेहाल होने दिया गया। ‘वंदे मातरम भवन’ जहां बंकिम चंद्र चटर्जी पांच साल रहे, वह स्थान बहुत बुरी हालत में है।
सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर सीधा पर करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “मां-माटी-मानुष की बात करने वाले लोग, बंगाल के विकास के सामने दीवार बनकर खड़े हो गए हैं। केंद्र सरकार किसानों और गरीबों के हक का पैसा सीधे उनके बैंक खाते में जमा करती है।
आगे मोदी ने कहा कि बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद हम नया बंगाल बनाएंगे। ऐसा बंगाल, जहां विकास सभी का होगा, तुष्टिकरण किसी का नहीं होगा। ऐसा बंगाल, जो टोलाबाज़ी से मुक्त होगा। रोजगार और स्वरोजगार युक्त होगा। उन्होंने कहा कि बंगाल में  कमल खिलाना इसलिए ज़रूरी है, ताकि पश्चिम बंगाल की स्थिति में वैसा ‘बदलाव’ आ सके, जिसकी उम्मीद में आज हमारा नौजवान जी रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि तृणमूल सरकार गरीबों के घर तक पानी पहुंचाने के लिए भी गंभीर नहीं है। इसका उदाहरण आपको देता हूं। हर घर जल पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार ने 1700 करोड़ से ज्यादा रुपये टीएमसी सरकार को दिए। लेकिन इसमें से सिर्फ 609 करोड़ रुपये ही सरकार ने खर्च किया है।
बंगाल के व्यापारिक गौरव का स्मरण कराते हुए प्रधानमंत्री ने लोगों से कहा कि एक दौर था जब पश्चिम बंगाल की जूट मिलें देश की अधिकांश ज़रूरतों को पूरा करती थीं। लेकिन इस इंडस्ट्री को भी अपने हाल पर छोड़ दिया गया। जबकि इससे हमारे किसान, हमारे श्रमिक, हमारे गरीब सीधे जुड़े होते हैं। नरेन्द्र मोदी ने कहा कि जब से केंद्र में भाजपा सरकार आई है, तब से जूट किसानों की चिंता की गई है।
इस दौरान पीएम मोदी ने वडानगर से दक्षिणेश्वर के बीच  कोलकाता मेट्रो की लाईन का उद्धाटन भी किया। बता दें कि बीते एक महीने में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का यह तीसरा बंगाल दौरा है।

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