हरिद्वार में बाढ़ का कोई खतरा नहीं, रात में पानी पहुंचेगा
हरिद्वार, 07 फरवरी (हि.स.)। चमोली के जोशीमठ में ग्लेशियर फटने के बाद आये सैलाब का असर पर्वतीय इलाकों के साथ-साथ मैदानी इलाकों में भी देखने को मिलेगा। हालांकि, मैदानी क्षेत्रों में आते-आते पानी की रफ्तार बहुत न के बराबर होगी और इसकी मात्रा भी बहुत कम होगी।
उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अनुसार हरिद्वार में रात करीब आठ बजे तक सैलाब का पानी पहुंचेगा। सिंचाई विभाग के एसडीओ अनिल निमेश ने बताया कि मुख्य गंगा में करीब पांच से छह लाख क्यूसेक पानी की क्षमता है जबकि जो पानी हरिद्वार पहुंचेगा वो सिर्फ 21 हजार क्यूसेक के करीब होगा। इसलिए घबराने की बात नहीं है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन को पहले भी सूचित कर दिया है और ऊपरी गंगनहर और हरकी पैड़ी क्षेत्र में जाने वाले पानी को एहतियातन रोक दिया है।
हरकी पैड़ी पर गंगा का पानी बंद करने के बाद प्रशासन ने घाटों को खाली करा दिया है। वहीं, घाटों पर मौजूद लोगों और अन्य कर्मचारियों को भी वहां से हटा दिया गया है। हालांकि, सिंचाई विभाग के एसडीओ अनिल निमेश ने बताया कि चूंकि ऊपर से आने वाले पानी की मात्रा कम है और हम हरकी पैड़ी क्षेत्र में पानी की सप्लाई दोबारा सुचारू करने पर विचार कर रहे हैं, जल्द ही इस पर निर्णय लिया जा सकता है।
जिलाधिकारी सी रविशंकर ने बताया कि फिलहाल हालात सामान्य है और जो हमें रिपोर्ट मिली है उसके अनुसार पानी रात आठ बजे तक आएगा लेकिन पूरी स्थिति कंट्रोल में रहेगी।
जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पथरी और लक्सर के तटीय इलाके खाली करा लिए है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा है। रात को पानी निकलने के बाद दोबारा उन्हें उनके घरों में भेज दिया जाएगा। दूसरी ओर गंगा किनारे बसे लोगों को वहां से हटा दिया गया है, ये लोग झोपडियां डालकर रह रहे थे।
कुंभ मेला अधिकारी दीपक रावत ने बताया कि गंगा के किनारे चल रहे कुंभ मेला के सभी कार्य सुरक्षा की दृष्टि से बंद करा दिए गए।
उधर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने एक बयान जारी कर कहा है कि मैदानी क्षेत्रों खासकर हरिद्वार और ऋषिकेश में अब बाढ़ का कोई खतरा नहीं है।
