किसान आन्दोलन को लेकर विपक्ष दबाव बनाने में जुटा, उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य की सियासत नहीं करने की हिदायत

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बसपा ने संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण का किया बहिष्कारअखिलेश बोले झूठे आरोप लगाकर किसानों को हराना चाहती है भाजपा



लखनऊ, 29 जनवरी (हि.स.)। किसान आन्दोलन को लेकर जहां सियासत और तेज हो गई है। वहीं भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत के धरना खत्म नहीं करने के ऐलान के बाद कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दल सरकार पर और हमलावर होते हुए दबाव की राजनीति करने में जुट गए हैं।
बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने शुक्रवार को राष्ट्रपति के संसद में होने वाले अभिभाषण का बहिष्कार करने की  घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने सरकार से नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग दोहरायी। दूसरी ओर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा किसानों को भूखा-प्यासा रखकर व झूठे आरोप लगाकर हराना चाहती है। इन बयानों पर पलटवार करते हुए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्ष को किसानों के नाम पर सियासत नहीं करने की हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में नियमों के दायरे में आन्दोलन किया जा सकता है, लेकिन देशद्रोह का अधिकार किसी को नहीं है।
पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने शुक्रवार को कहा कि बसपा ने देश के आन्दोलित किसानों के तीन विवादित कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग नहीं मानने व जनहित आदि के मामलों में भी लगातार काफी ढुलमुल रवैया अपनाने के विरोध में, आज राष्ट्रपति के संसद में होने वाले अभिभाषण का बहिष्कार करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही, कृषि कानूनों को वापस लेकर दिल्ली आदि में स्थिति को सामान्य करने का केन्द्र से पुनः अनुरोध है। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस के दिन हुए दंगे की आड़ में निर्दोष किसान नेताओं को बलि का बकरा न बनाए। इस मामले में उत्तर प्रदेश के भारतीय किसान यूनियन व अन्य नेताओं की आपत्ति में भी काफी सच्चाई है, सरकार ध्यान दे।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राकेश टिकैत से फोन पर बात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी भी किसानों की लड़ाई लगातार लड़ रही है। अखिलेश यादव ने आज अपने ट्वीट में कहा कि सबका पेट भरने वाले किसानों को भाजपा भूखा-प्यासा रखकर व झूठे आरोप लगाकर हराना चाहती है लेकिन चंद भाजपाइयों को छोड़कर सवा सौ करोड़ हिन्दुस्तानी आज भी किसानों के साथ खड़े हैं। सपा किसानों के साथ है। अखिलेश ने इससे पहले गुरुवार को कहा कि जिस तरह छल-बल का प्रयोग कर भाजपा सरकार किसानों के आन्दोलन को कुचल रही है, उससे किसानों के साथ-साथ हर सच्चे भारतीय की आत्मा रो रही है। किसान अगले चुनाव में सरकार की क्रूरता का जवाब वोट से देंगे। आज भाजपा जिन किसानों को सड़क से उठा रही है, वो कल भाजपा को ही सड़क पर ले आएंगे।
वहीं विपक्ष के आड़े हाथों लेते हुए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि किसानों के नाम पर किसान विरोधी सपा, कांग्रेस राजनीति न करें। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से आन्दोलन का अधिकार सभी को है, परंतु देशद्रोह करने और कराने का अधिकार किसी को नहीं।
इस बीच आज मुजफ्फरनगर में होने जा रही भारतीय किसान यूनियन की पंचायत में आन्दोलन को लेकर आगे रणनीति पर विचार किया जाएगा। वहीं राकेश टिकैत भी धरना जारी रखने पर अडिग हैं। उन्होंने कहा कि हम प्रदर्शन स्थल खाली नहीं करेंगे, हम पहले अपने मुद्दों पर भारत सरकार से बात करेंगे।राष्ट्रीय लोकदल के नेता जयंत चौधरी भी गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचे और किसानों के आन्दोलन को समर्थन देने की बात कही।

 


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