राजकोट : छह माह से एक कमरे में बंद मिली युवती की मौत

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राजकोट/अहमदाबाद, 19 जनवरी (हि.स.)। शहर के साधु वासवानी रोड पर लगभग छह माह से एक कमरे बंद मिली युवती की इलाज के दौरान आज मौत हो गई। युवती के आठ दिन से बिना कुछ खाये-पीये रहने से कोमा में चली गई थी। वह सीए की पढ़ाई कर रही थी। युवती को जिस हालत में घर के कमरे में पाया गया था, उसे लेकर युवती के मां बाप की भूमिका संदिग्ध लग रही है और लोग अंधविश्वास को लेकर भी चर्चा कर रहे हैं।
बताया गया कि साधु वासवानी रोड पर 25 साल की अल्पा सेनपाल सीए की पढ़ाई कर रही थी, लेकिन उसे घर के एक कमरे में छह महीने से बंद थी। उसके पड़ोसियों ने इसकी सूचना नगर के साथी सेवा समूह को दी गई। सोमवार को साथी सेवा समूह के जल्पा पटेल ने पुलिस की मदद से युवती के कमरे में जबरन घुसकर उसे बाहर निकलवाया। युवती के कमरे में बदबू आ रही थी। कमरे में चारों ओर पेशाब से भरे बैग और टब मिले थे। पटेल का कहना है कि लड़की के मुंह से झाग भी निकल रहा था। पुलिस और सेवा साथी समूह के लोगों को कमरे में युवती कोमा की हालत में मिली थी। पुलिस की मदद से अल्पा को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन आज उसकी मौत हो गई।
युवती को अपने ही घर में छह माह से क्यों बंद रखा गया था। इस पर अभी कोई जानकारी नहीं मिल रही है।लोग अंधविश्वास को लेकर भी चर्चा कर रहे हैं। घटना में युवती की मां की भूमिका संदिग्ध लग रही है।  जल्पा पटेल ने कहा कि लड़की की मां की भूमिका संदिग्ध है। मैं इस मामले में वादी बनने के लिए तैयार हूं। यदि आवश्यक हो, तो हम उसके माता-पिता के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के लिए भी तैयार हैं। उन्होंने कहा कि युवती को उसके मां ने ही छह महीने तक एक ही कमरे में कैद करके रखा गया और उसे खाना और पानी तक नहीं दिया गया। इस मामले में पुलिस के लिए एक निष्पक्ष जांच करना और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करना आवश्यक है। बताया गया कि मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार लड़की को पिछले आठ दिन से पीने का पानी नहीं दिया गया था।
विश्वविद्यालय थाने के एक जांच अधिकारी चावड़ा ने बताया कि साथी सेवा समूह ने साधु वासवानी रोड पर एक बीमार युवती को कमरे में बंद करने की सूचना दी थी। पुलिस परिजनों से पूछताछ करेगी।

 


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