कुशल पेशेवरों को जापान में रोजगार दिलाने से जुड़े करार पर हस्ताक्षर

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नई दिल्ली, 18 जनवरी (हि.स.)। भारत ने जापान के साथ सोमवार को सहभागिता से जुड़े समझौता ज्ञापन (एमओसी) पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत 14 विभिन्न क्षेत्रों में भारत के कुशल कामगार जापान में रोजगार पा सकेंगे।

विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला और भारत में जापान के राजदूत सूजूकी सतोषी ने ‘निर्दिष्ट कुशल कामगार’ (एसएसडब्ल्यू) से संबंधित प्रणाली और एक बुनियादी ढांचागत सहयोग से जुड़े समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के सचिव प्रवीण कुमार और जापानी दूतावास के अधिकारी भी मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने 4 जनवरी को भारत सरकार और जापान सरकार के बीच सहभागिता से जुड़े इस समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर को मंजूरी दी थी।

यह समझौता ज्ञापन भारत और जापान के बीच सहभागिता और सहकार से जुड़े एक संस्‍थागत तंत्र की स्‍थापना करेगा। इससे 14 विभिन्न क्षेत्रों में काम करने के लिए कुशल भारतीय कामगारों को जापान भेजा जाएगा। इसके लिए इन्हें जापानी भाषा की परीक्षा पास करनी होगी। इन भारतीय कामगारों को जापान सरकार की ओर से ‘निर्दिष्‍ट कुशल कामगार’ नाम की एक नई सामाजिक स्थिति (न्‍यू स्‍टेटस ऑफ रेजिडेंस) प्रदान की जाएगी।

सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार भारत और जापान ने पिछले कुछ वर्षों में कौशल विकास के क्षेत्र में अपने सहयोग को मजबूत किया है। 2016 में दोनों देशों ने ‘मैन्युफैक्चरिंग स्किल ट्रांसफर प्रमोशन प्रोग्राम’ से जुड़े समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसके तहत भारत भर के कॉलेजों में 10 साल से अधिक समय के दौरान 30 हजार लोगों को जापानी शैली के विनिर्माण कौशल सिखाने के लिए जापान-भारत इंस्टीट्यूट फॉर मैन्युफैक्चरिंग और जापानी एंडेड कोर्स तैयार किए जाएंगे। 2017 में, दोनों देशों ने भारतीय युवाओं को विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों में जापान में इंटर्नशिप का लाभ उठाने के लिए तकनीकी आंतरिक प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुड़े समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।

आज हुए एमओसी से नर्सिंग देखभाल, इमारतों की सफाई, सामग्री प्रसंस्‍करण उद्योग, औद्योगिक मशीनरी निर्माण उद्योग, इलेक्ट्रिक एवं उद्योगों से संबद्ध इलेक्‍ट्रॉनिक सूचना, निर्माण, पोत निर्माण एवं पोत से संबद्ध उद्योग, वाहनों का रखरखाव, विमानन, अस्‍थायी आवास मुहैया कराने, कृषि, मत्‍स्‍य पालन, खाद्य वस्‍तुएं एवं पेय निर्माण उद्योग और खान-पान सेवा उद्योग जैसे 14 क्षेत्रों में कुशल भारतीय कामगारों के लिए जापान में रोजगार के बढ़े अवसर निर्मित होंगे।

इस एमओसी के अंतर्गत एक संयुक्‍त कार्य बल का गठन किया जाएगा। यह एमओसी का अनुपालन सुनिश्चित करेगा। सहभागिता समझौता ज्ञापन भारत और जापान के लोगों के बीच आपसी संपर्क को बढ़ाएगा और भारत के कामगारों एवं कुशल पेशेवरों को जापान भेजने में मदद करेगा।

 


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