​​’​सी विजिल​’ में हुए शांतिकाल से युद्धकाल तक के ​तटीय रक्षा अभ्यास

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भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल के विमानों ने तटवर्ती क्षेत्र ​की सुरक्षा को परखा​ ​अभ्यास के दौरान बंदरगाहों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष ध्‍यान दिया गया​​ 



नई दिल्ली, 15 जनवरी (हि.स.)। मुं​​बई हमले के बाद तटीय इलाकों में की गई सुरक्षा को परखने के लिए दो दिवसीय तटीय रक्षा अभ्यास ‘सी विजिल’ आयोजि​​त किया गया। इस दौरान ​​भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल के विमानों ने तटवर्ती क्षेत्र ​की सुरक्षा को परखा​। साथ ही हेलीकॉप्टरों को अपतटीय प्लेटफॉर्मों पर काम करने वाले विशेष परिचालन कर्मियों की सेवा में भी लगाया गया।​ इस दौरान शांति से लेकर युद्ध काल तक के अभ्यास किए गए।
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नौसेना प्रवक्ता के अनुसार ‘सी विजिल-2021’ की अवधारणा और भौगोलिक विस्तार में देश की पूरी तटरेखा और विशेष आर्थिक क्षेत्र​(ईईजेड​)​ शामिल थे। ​​इस दौरान शांति से लेकर युद्ध काल तक के अभ्यास किए गए। इसके अलावा, तटीय सुरक्षा में किसी भी तरह के उल्लंघन के मामले में तट पर उससे निपटने के तरीकों का भी अभ्‍यास किया गया।​ ​इस अभ्यास में पूरे तटीय सुरक्षा तंत्र की तैनाती की गई। साथ ही इसमें भारतीय नौसेना (आईएन) और तटरक्षक बल (सीजी) की 110 से अधिक जमीनी संपत्तियों को शामिल किया गया था। इसके अलावा बड़ी तादाद में मरीन पुलिस और सीमा शुल्क विभाग की परिसंपत्तियों की भी तैनात की गई थी। भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल के विमान द्वारा पूरे तटवर्ती क्षेत्र की निगरानी की गई। साथ ही हेलीकॉप्टरों को अपतटीय प्लेटफॉर्मों पर काम करने वाले विशेष परिचालन कर्मियों की सेवा में भी लगाया गया।
 
चूंकि बंदरगाह समुद्र के जरिये होने वाले व्यापार का प्रमुख केंद्र होता है, इसलिए ​​अभ्यास के दौरान बंदरगाहों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष ध्‍यान दिया गया​ साथ ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी बंदरगाहों की संकट प्रबंधन योजनाओं का मूल्यांकन किया गया। राज्य पुलिस दल, भारतीय नौसेना के मरीन कमांडो और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के कमांडो को समुद्री आतंकवाद संबंधी वारदातों से निपटने के लिए अभ्यास कराया गया​​​ ​इस अभ्यास ने राष्ट्रीय कमान, नियंत्रण, संचार एवं खुफिया (एनसी3आई) नेटवर्क नामक तकनीकी निगरानी बुनियादी ढांचे को भी मान्यता प्रदान ​की। गुरुग्राम के सूचना प्रबंधन एवं विश्लेषण केंद्र (आईएमएसी) और भारतीय नौसेना एवं तटरक्षक बल के स्टेशनों पर इसके विभिन्न नोड्स का उपयोग निगरानी और सूचना प्रसार तंत्र के समन्वय के लिए किया गया।​ ​इस अभ्यास में शामिल विभिन्न एजेंसियों के बीच सहयोग और समन्वय तटीय रक्षा के क्षेत्र में हुई प्रगति ​भरोसेमंद ​संकेत है। साथ ही समुद्री क्षेत्र में तटीय रक्षा एवं राष्ट्रीय सुरक्षा को बेहतर करने के लिए यह अभ्यास काफी महत्‍वपूर्ण साबित होगा।
 

 


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