राष्ट्रपति ट्रम्प पर महाभियोग की तैयारी

0

एक असाधारण घटना की ओर कदम



वाशिंगटन, 08 जनवरी (हि.स.) । राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के विरुद्ध बुधवार के दिन अपने समर्थकों को भड़काने और कैपिटल हिल में कांग्रेस के संयुक्त सत्र को बंधक बनाए जाने की मांग पर महाभियोग चलाए जाने की मांग ज़ोर पकड़ती जा रही है।

अमेरिकी संविधान के 25वें संशोधन में कहा गया है कि मौजूदा उप राष्ट्रपति माइक पेंस कांग्रेस के संयुक्त सत्र को फिर से महाभियोग के नाम पर आहूत करते हैं और वह सदस्यों के प्रस्ताव पर मतदान कराते हैं तो ट्रम्प को शेष 13 दिनों के लिए पद से हटाया जा सकता है।
नवनिर्वाचित जोई बाइडेन और उप राष्ट्रपति कमला हैरिस विधि-विधान के मुताबिक़ 20 जनवरी को पद और गोपनीयता की शपथ ले रहे हैं।
कांग्रेस के निचले सदन प्रतिनिधि सभा की स्पीकर डेमोक्रेट वयोवृद्ध नैन्सी पेलोसी अपने सांसदों की मांग पर ट्रम्प पर महाभियोग लगाए जाने की तैयारी में जुटे हैं। डेमोक्रेट सांसदों के अभिमत के अनुसार निचले सदन में महाभियोग पारित कर उच्च सदन सीनेट में इसे पारित किया जा सकता है। हालांकि यह एक दुष्कर चुनौती होगी और दो तिहाई मतों से इसे पारित करा पाना नामुमकिन होगा। इसे देखते हुए नैन्सी पेलोसी ने गुरुवार को माइक पेंस से आग्रह किया है कि संविधान की प्रक्रिया के अनुसार वह खुद ही कांग्रेस के संयुक्त सत्र को आहूत करें।
इससे पूर्व माइक पेंस और नैन्सी पेलोसी ने इलेक्टोरल मतों 306-332 में जोई बाइडन-कमला हैरिस की जीत की पुष्टि की थी। इसके बाद दोनों ने अभिवादन स्वीकार किया था। इस चित्र को कैमरे में बंद करने के लिए टीवी और स्टिल फोटोग्राफ़रों में मानों “जो मारे सो मीर” की होड़ मच गई थी।
वहीं माइक पेंस पर बुधवार की हिंसात्मक घटनाओं के बाद लगातार दबाव बढ़ता जा रहा है। अगर पेंस महाभियोग के प्रस्ताव का कदम उठाते हैं और मौजूदा राष्ट्रपति को उनके निर्धारित अवधि से पूर्व पदच्युत किया जाता है तो अमेरिका के इतिहास में यह एक असाधारण घटना होगी।
कांग्रेस के संयुक्त सत्र में बुधवार को ट्रम्प समर्थकों ने दिनभर उत्पात मचाया था। कैपिटल हिल पर कांग्रेस सत्र की घेराबंदी कर ली थी। ट्रम्प समर्थकों और स्थानीय पुलिस की झड़प में एक महिला सहित चार लोगों की मौत हो गई थी। इस हिंसक घटना के दौरान कांग्रेस के संयुक्त सत्र को पहली बार जबरन कुछ घंटों के लिए स्थगित करना पड़ा था। यह एक ऐसी हिंसक वारदात थी कि जो पहले न कभी सुनी गई थी और न ही किसी मौजूदा राष्ट्रपति की ओर से अपने निजी स्वार्थों के वशीभूत होकर उकसाई गई थी। इस घटना में गुरुवार दोपहर तक सत्तर प्रदर्शनकारियों को गिरफ़्तार किया जा चुका है।
राजधानी वाशिंगटन डीसी में अगले 15 दिनों के लिए महापौर ने आपात स्थिति लागू कर दी है। वाशिंगटन स्थित कैपिटल हिल से सभी सीनेटर और सांसदों को उनके सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। शहर में कर्फ़्यू जैसी स्थिति के चलते हथियारबंद नेशनल कोस्ट गार्ड ने मोर्चा संभाल लिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *