कोवैक्सीन का क्लीनिकल ट्रायल 12 साल से अधिक उम्र के बच्चों पर होगा

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 कंपनी ने कहा कि कोवैक्सीन 200 प्रतिशत सुरक्षित 



नई दिल्ली, 04 जनवरी (हि.स.)। भारत बायोटेक कंपनी कोवैक्सीन का क्लीनिकल ट्रायल १२ साल से अधिक उम्र के बच्चों पर जल्द शुरू करेगा। ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक की स्वदेशी तौर पर विकसित कोरोनो वायरस वैक्सीन कोवैक्सीन को 12 साल से अधिक उम्र के बच्चों पर क्लीनिकल ट्रायल करने की अनुमति दे दी है। भारत बायोटेक की वैक्सीन 12 वर्ष या उससे ऊपर के आयु वर्ग को दी जा सकती है।
सोमवार को प्रेसवार्ता में भारत बायोटेक प्रबंध निदेशक कृष्णा इल्ला ने बताया कि कोवैक्सीन को दो डोज में दिया जाना है। दुनिया में कोवैक्सीन पहली ऐसी वैक्सीन है जो बच्चों को भी दी जा सकती है। भारत बायोटेक जल्दी ही 12 से ऊपर के बच्चों पर भी कोवैक्सीन का ट्रायल करेगी। कोवैक्सीन के साइड इफेक्ट्स के सवाल पर कृष्णा इल्ला ने कहा कि कोवैक्सीन के ट्रायल में केवल 10 प्रतिशत लोगों में एलर्जी रिएक्शन हुआ जबकि बाकी वैक्सीन में 60-70 प्रतिशत लोगों में प्रतिकूल असर देखने को मिला है। एक्सट्राजेनका तो सभी वॉलंटियर को एलर्जी रिएक्शन को दबाने के लिए बुखार की दवा भी दे रही है। जबकि कोवैक्सीन ने ऐसा कुछ नहीं किय़ा। कोवैक्सीन 200 प्रतिशत सुरक्षित है।

 


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