उप्र में यूके से लौटे दस लोग मिले संक्रमित, जीनोम सीक्वेंसिंग को दिल्ली भेजे गए नमूने

0

पिछले चौबीस घंटे में मिले 940 नए मरीज, सक्रिय मामलों की संख्या घटकर हुई 6,545 



लखनऊ, 28 दिसम्बर (हि.स.)। कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन को देखते हुए प्रदेश में विशेष सतर्कता बरती जा रहे है। खासतौर से यूनाइटेड किंगडम से लौटने वालों की आरटीपीसीआर से कोरोना जांच अनिवार्य कर दिया गया है। अभी तक हुई जांच में 10 लोग संक्रमित पाए गए हैं। 
 
प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य आलोक कुमार ने सोमवार को बताया कि यूनाइटेड किंगडम से लौटे सभी लोगों की सैम्पलिंग कराने का काम किया जा रहा है। कुछ लोग उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं, उनके मोबाइल स्विच ऑफ हैं। वहीं अभी तक पाए गए संक्रमित लोगों को आइसोलेट करा दिया गया है और उनके जो कॉन्टेक्ट्स से उनको भी आइसोलेशन में रखा गया है।
 
आरटीपीसीआर जांच में ये दस लोग संक्रमित पाए गए हैं। लेकिन, इनकी जीनोम सीक्वेंसिंग भी करायी जा रही है, जिससे पता चल सके कि यह किस स्ट्रेन का वायरस है। इसके लिए नमूने को नई दिल्ली में इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स ऐंड इंटिग्रेटिव बायोलॉजी (आईजीआईबी) दिल्ली, भेजा गया है रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है।
 
उन्होंने कहा कि यूके में सामने आया नया वायरस तेजी से फैलता है। प्रदेश में ये अभी आया है या नहीं, अभी नहीं कहा जा सकता। वहीं जीनोम सीक्वेंसिंग की मशीन राजधानी में केजीएमयू और एसजीपीजीआई में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अन्य स्थानों पर भी इसे स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।
 
प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य ने बताया कि प्रदेश में लगातार दो दिनों से संक्रमण के नए मामलों की संख्या एक हजार से कम है। पहली बार काफी दिनों बाद स्थिति आई है कि हम तीन​ डिजिट में आ गए हैं। पिछले चौबीस घंटे में संक्रमण के 940 नए मामले सामने आए हैं। इसी दौरान उपचार के बाद डिस्चार्ज होने वालों की संख्या 1,585 है। इस तरह संक्रमित लोगों की तुलना में स्वस्थ होने वालों की संख्या ज्यादा रही। 
 
वहीं प्रदेश में अब 6,545 सक्रिय मामले हैं। राज्य में 17 सितम्बर को संक्रमण अपने उच्चतम स्तर पर था, तब सक्रिय मामलों की संख्या 68,235 थी। इस तरह वर्तमान में इससे 61,690 मामले कम हैं, जिससे पता चल रहा है कि संक्रमण का ग्राफ अब कितनी तेजी से नीचे जा रहा है। 
 
उन्होंने बताया कि कल प्रदेश में 1,25,734 कोरोना नमूनों की जांच की गई है। इनमें 50 प्रतिशत से अधिक 67,807 नमूनों की जांच आरटीपीसीआर से की गई। वहीं 56,672 एंटीजन टेस्ट और 1,255 नमूनों की ट्रूनैट के माध्यम से जांच की गई। वहीं अब तक कुल मिलाकर 2,35,08,431 नमूनों की जांच की जा चुकी है।
 
मेजर सर्जरी में पिछले वर्ष के लगभग बराबर की स्थिति
 
प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य ने बताया कि राज्य में कोविड के साथ अन्य स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। प्रदेश के अस्पतालों में कल 3,947 सामान्य प्रसव और 160 सिजेरियन किए गए। वहीं मेजर सर्जरी की बात करें तो 01 नवम्बर से 28 दिसम्बर 2019 के दौरान इनकी संख्या जहां 45,511 थी। वहीं इसी अवधि में इस वर्ष कुल 42,581 मेजर सर्जरी की गई। इस तरह लगभग बराबर की स्थिति आ गई है। 
 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *