चार गांव खाली करवाकर दागी एमआरएसएएम मिसाइल

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बंसी नामक मिसाइल पर सटीक निशाना लगाकर हवा में ही किया ध्वस्त सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए 8 हजार लोगों को रक्षा विभाग ने दिया मुआवजा



नई दिल्ली, 23 दिसम्बर (हि.स.)। भारत ने मिसाइल परीक्षणों की श्रंखला में बुधवार को एमआरएसएएम मिसाइल के आर्मी वर्जन का फायर टेस्ट करके एयरोस्पेस की दुनिया में एक और कामयाबी हासिल की। मिसाइल परीक्षण से पहले बालासोर जिले के चांदीपुर में एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) के पास करीब ढाई किमी. का इलाका खाली करवाकर चार गांवों के लगभग 8,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया था। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफलता पर डीआरडीओ को बधाई दी है।
ओडिशा के तट से आज एमआरएसएएम मिसाइल के सेना संस्करण का पहला सफल प्रक्षेपण किया गया। डीआरडीओ के वैज्ञानिकों के अनुसार मिसाइल ने लक्षित निशाने पर सीधी टक्कर मारी और मिशन के सभी उद्देश्य सफलतापूर्वक पूरे हुए। आज परीक्षण से पहले बंसी नामक एक मिसाइल को हवा में उड़ाया गया था। इसके चंद मिनटों बाद करीब 3:52 मिनट पर एमआरएसएएम नामक मिसाइल को हवा में दागा गया। मिसाइल ने बंसी नामक मिसाइल पर सटीक निशाना लगाते हुए उसे हवा में ही ध्वस्त कर दिया। आज परीक्षण के दौरान विभिन्न हवाई टारगेट को इंटरसेप्ट किया गया था। इस मिसाइल का परीक्षण कई महीने पहले भारतीय नौसेना भी सफलतापूर्वक कर चुकी है।
बराक-8 को एलआरएसएएम या एमआरएसएएम मिसाइल के रूप में भी जाना जाता है। यह सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल है, जिसे विमान, हेलीकॉप्टर, एंटी-शिप मिसाइल और यूएवी के साथ-साथ बैलिस्टिक जैसे किसी भी प्रकार के हवाई खतरे से बचाने के लिए बनाया गया है। बराक 8 को इज़राइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज, भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ), इज़राइल के प्रशासन फॉर द डेवलपमेंट ऑफ़ वेपन्स एंड टेक्नोलॉजिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर, एलाटा सिस्टम्स, राफेल और अन्य कंपनियों द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है। इन मिसाइलों का उत्पादन भारत डायनामिक्स लिमिटेड (बीडीएल) करता है।
यह मिसाइल 70 किलोमीटर के दायरे में आने वाली किसी भी मिसाइल, लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर, ड्रोन और निगरानी विमानों को मार गिराने में पूरी तरह से सक्षम है। यह मिसाइल हवा में एक साथ आने वाले कई दुश्मनों पर 360 डिग्री घूम कर एक साथ हमला कर सकती है।हवाई रक्षा के लिए यह मिसाइल हर मौसम में काम कर सकती है। 2469.6 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से दुश्मनों पर प्रहार और हमला कर सकती है। 14.76 फीट लंबी और 276 किलोग्राम वजन की यह मिसाइल है।
बालासोर जिला प्रशासन ने रक्षा बेस के ढाई किलोमीटर के दायरे में आने वाली चार पंचायतों के लोगों को अस्थायी रूप से 21 वाहनों में आस-पास के तीन आश्रय स्थलों तक पहुंचाया गया। इन केंद्रों पर पेयजल, फायर टेंडर और एम्बुलेंस की व्यवस्था भी की गई। रक्षा विभाग ने सुरक्षित जगह पहुंचाए गये वयस्कों को 300 रुपये, बच्चों को 150 रुपये और सभी उम्र के लोगों को भोजन के लिए 40 रुपये का मुआवजा प्रदान किया है। वयस्कों को 15 रुपये और बच्चों को 10 रुपये का मनोरंजन शुल्क भी दिया गया है। इसी प्रकार 100 रुपये मवेशियों के भोजन के लिए दिए गए।

 


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