‘डब्ल्यूएचओ के 1000 मरीजों पर एक डॉक्टर के अनुपात तक पहुंचने का प्रयास’

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 डॉ. हर्षवर्धन ने एम्स राजकोट, एमबीबीएस विद्यार्थियों के 2020-21 शिक्षा सत्र का वर्चुअल माध्यम से किया उद्घाटन



नई दिल्ली, 21 दिसम्बर (हि.स.)। केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने सोमवार को एम्स राजकोट, गुजरात में पहले बैच के एमबीबीएस विद्यार्थियों के 2020-21 शिक्षा सत्र का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे, गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी और गुजरात के उप मुख्यमंत्री तथा स्वास्थ्य मंत्री नितिन भाई पटेल भी उपस्थित थे।

एम्स राजकोट को प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के छठे चरण के अंतर्गत विकसित किया जा रहा है। यह 750 बिस्तरों वाला अस्पताल होगा, जिसके साथ सुपर स्पेशलिटी और अन्य स्पेशलिटी के विभाग होंगे। निर्माण की परियोजना लागत लगभग 1195 करोड़ रुपये है, जिसमें अति उन्नत चिकित्सा उपकरणों के लिए 150 करोड़ रुपये का आवंटन शामिल है।

एम्स राजकोट में पहले बैच के विद्यार्थियों को बधाई देते हुए डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि गुजरात में एम्स राजकोट कई नये एम्स में से एक है, जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सोच के अनुसार विकसित किया जा रहा है। देश के विभिन्न भागों में नये एम्स स्थापित करने का अल्पकालिक उद्देश्य वाजिब तृतीयक स्वास्थ्य देखभाल की कमी दूर करना और दीर्घकालिक सोच देश की सामान्य जनसंख्या में आरोग्य की स्थिति लाना है।

डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि एम्स स्थापित करने की पहल का उद्देश्य क्षेत्रीय स्तर पर सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य देखभाल और इसकी पहुंच का प्रसार करना है। इसके साथ 20 वर्ष पहले बने वर्तमान मेडिकल कॉलेजों को उन्नत बनाना है। इससे डॉक्टरों और अस्पताल के बिस्तरों की मांग और आपूर्ति के अंतर को कम किया जा सकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि एम्स राजकोट में एमबीबीएस की 125 सीटें होंगी, जिनमें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए सीटें भी शामिल हैं। इसके अलावा इसमें आने वाले समय में 60 नर्सिंग के विद्यार्थी भी होंगे। स्वास्थ्य मंत्रालय 2021 तक 1000 रोगी पर एक डॉक्टर के अनुपात के विश्व स्वास्थ्य संगठन का लक्ष्य हासिल करने का प्रयास कर रहा है। हमारी सरकार डॉक्टरों की आवश्यकता और वर्तमान स्थिति के अंतर को दूर करने के लिए एमबीबीएस सीटों की कुल 80 हजार की उपलब्धता बनाने के लिए ईमानदार कोशिश कर रही है। 2013-14 के शिक्षा सत्र से छह नये एम्स में एमबीबीएस की कुल सीटें बढ़कर 600 हो गई हैं, जिससे 300 और विद्यार्थियों को एमबीबीएस की सीट मिली।

उन्होंने कहा कि एम्स राजकोट जैसे 2020 में नये एम्स खोले जाने से देश में सरकारी संस्थानों में एमबीबीएस सीटों की कुल उपलब्धता बढ़कर 42,495 हो गई है। यह खुशी का विषय है कि एम्स राजकोट एमबीबीएस विद्यार्थियों के पहले बैच की शुरूआत कर रहा है। यह राज्य में चिकित्सा शिक्षा में एक मील का पत्थर बनेगा।
इस अवसर पर सांसद मोहनभाई कुंदरिया, पूनमबेन और अमी याजनिक, स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण, एम्स के अध्यक्ष डॉ. पी. के. दवे, एम्स राजकोट के निदेशक डॉ. सचिव मिश्रा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।


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