कर्नाटक विधान परिषद में हंगामा: उपसभापति को उनकी कुर्सी से जबरन हटाया गया

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बेंगलुरु, 15 दिसम्बर (हि.स.)। कर्नाटक विधान परिषद में मंगलवार को उस समय हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब विधान परिषद के उपसभापति को उनकी कुर्सी से खींचकर हटा दिया गया। कांग्रेस के विधान परिषद सदस्यों का आरोप है कि भाजपा और जेडीएस ने मिलकर गलत तरीके से उनको इस कुर्सी पर बैठाया है।

मंगलवार को सदन कार्यवाही के दौरान हंगामे के बाद विधान परिषद अनिश्चितकाल के लिए स्‍थगित कर दी गई। इस मामले को लेकर सदस्यों ने एक दूसरे से धक्का-मुक्की भी की। सदन में इसकी शुरुआत तब हुई जब जेडीएस के उपाध्यक्ष एसएल धर्मेगौड़ा ने सभापति के. प्रतापचंद्र शेट्टी (कांग्रेस) के आने से पहले उनकी कुर्सी पर कब्जा कर लिया। इससे कांग्रेस सदस्य नाराज हो गए। कांग्रेस का आरोप है कि धर्मेगौड़ा ने शेट्टी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की अनुमति दी थी। वह भाजपा और जेडीएस की मदद से शेट्टी को अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम से हटाना चाहते थे। कांग्रेस एमएलसी ने धर्मेगौड़ा को कुर्सी से खींचकर बाहर कर दिया। हाथापाई के दौरान एमएलसी को गालियां देते भी देखा व सुना गया। नारे लगाए गए और कागज फाड़े गए।
हंगामे के बाद कांग्रेस एमएलसी प्रकाश राठौड ने कहा कि जब सदन नहीं चल रहा था, उस समय भाजपा और जेडीएस ने अवैधानिक तरीके से सभापति को कुर्सी पर बैठाया। अंत में, विधान परिषद को अनिश्चितकाल के लिए स्‍थगित कर दिया गया।
कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष एसआर पाटिल ने कहा कि जब शेट्टी कुर्सी पर काबिज हैं, तब धर्मेगौड़ा बिना अनुमति के कुर्सी कैसे ले सकते हैं? मंत्री केएस ईश्वरप्पा ने कहा कि विधान परिषद के इतिहास में ऐसे दृश्य कभी नहीं देखे गये। पूरे देश ने देखा है कि कांग्रेस ने कैसा व्यवहार किया है। उल्लेखनीय है कि मंगलवार का सत्र राज्य सरकार के दबाव में बुलाया गया था।

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