आजमगढ़ मंडल में भी 16 दिसम्बर को ही होगा किसान सम्मेलन

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 भाजपा का किसान सम्मेलन मंडल स्तर पर आज बस्ती से होगा शुरू  गोरखपुर मंडल का कुशीनगर में 16 दिसम्बर को होगा सम्मेलन  आजमगढ़ मंडल में भी 16 दिसम्बर को ही होगा किसान सम्मेलन



गोरखपुर, 14 दिसम्बर (हि.स.)। नए कृषि बिल के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन के मुद्दे पर भाजपा ने भी अपना पक्ष रखने का फैसला किया है। इसके लिए गोरखपुर, आजमगढ़ और बस्ती मंडलों में मंडल स्तर पर किसान सम्मेलन के आयोजन का निर्णय लिया है। इसकी शुरुआत आज बस्ती मंडल से हो रही है।

गोरक्ष क्षेत्र के बस्ती जिले के बस्ती मंडल मुख्यालय पर आज से शुरू होने वाले पहले किसान सम्मेलन को केंद्र सरकार के पूर्व कृषि मंत्री राधामोहन सिंह संबोधित करेंगे।
गोरखपुर मंडल का किसान सम्मेलन 16 दिसम्बर को कुशीनगर में होगा। यहां प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया जाएगा। स्वामी प्रसाद मौर्य इस दौरान किसान बिल पर सरकार की नीतियों व बिल पर पक्ष रखेंगे।
आजमगढ़ मंडल का किसान सम्मेलन 16 दिसम्बर को आजमगढ़ मंडल मुख्यालय पर होना सुनिश्चित है। इस बावत अभी मुख्य वक्ता के नाम पर विचार हो रहा है। जल्दी ही इस नाम की घोषणा भी कर दी जाएगी।
गोरक्ष क्षेत्र के अध्यक्ष डॉ. धर्मेन्द्र सिंह और क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी डॉ. बच्चा पांडेय नवीन ने बताया कि नए कृषि बिल को लेकर आंदोलन के नाम पर किसानों में भ्रम फैलाया जा रहा है। विपक्षी पार्टियां किसानों को गुमराह कर रहीं हैं। यही वजह है कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को ऐसा अभियान चलाना पड़ रहा है। नेताद्वय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सही तथ्य किसानों तक पहुंचाने का आह्वान किसान है। उनके इस आह्वान पर भाजपा ने मंडल स्तर पर किसान सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया है।
बता दें कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश के मुताबिक 13 दिसम्बर यानी रविवार को बूथ लेवल ऑफिसर बूथों पर रह कर मतदाता बढ़ाने का कार्य कर रहे थे। इस अभियान की सफलता के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी बूथों पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। बूथों पर रह कर नए मतदाता बढ़ाने में अपना योगदान दिया था।
बोले क्षेत्रीय अध्यक्ष
क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉ. धर्मेन्द्र सिंह के मुताबिक भाजपा संगठन ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम से कम 05 हजार नए मतदाताओं के नाम जुड़वाने का काम किया है। ऐसा कोई विधानसभ नहीं बचा है, जहां लक्ष्य के सापेक्ष कम नाम जुड़ा है। इतना ही नहीं, फर्जी मतदाताओं के नाम निकलवाने में भी भाजपा कार्यकर्त्ताओं ने निर्वाचन आयोग का सहयोग किया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए पहले ही भाजपा कार्यकर्त्ताओ की बैठकें कर ली गईं थीं।

 


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