किसान आंदोलन: सरसों के साग और पिज्जा से हो रही अन्नदाता की खातिरदारी

0

चंडीगढ़, 13 दिसम्बर (हि.स.)। दिल्ली समेत देश भर की फिजाएं सर्द हैं, लेकिन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के विरोध और तेवर मौसम गरम कर रखा है। किसानों के इन तल्ख तेवरों को देखते हुए हरियाणा सरकार ने चार वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को प्रदेश में कानून व्यवस्था की समीक्षा की जिम्मेदारी सौंपी है। पंजाब और हरियाणा से लगातार दिल्ली की ओर बढ़ रहे किसानों के काफिले पर सरकार पूरी नजर बनाए हुए है। यही नहीं सिंघु और टीकरी बॉर्डर पर हर रोज किसानों की लजीज पकवानों के साथ खातिरदारी हो रही है। लजीज पकवानों को लेकर किसानों का दावा है कि वे अपने साथ पूरी खाद्य सामग्री लेकर आए हैं और हर दिन हरियाणा के अलग-अलग गांवों से दूध से लेकर सब्जियों व अन्य खाद्य सामग्री उनके पास पहुंच रही है।

कृषि कानूनों को रद्द करवाने को लेकर सिंघु और टीकरी बॉर्डर पर मोर्चाबंदी रविवार को 18वें दिन भी जारी रही। सोमवार को भाजपा के मंत्रियों, सांसदों व विधायकों के घेराव के ऐलान को लेकर किसान संगठनों ने दिन भर सिंघु बॉर्डर पर मंथन किया। केंद्र सरकार के प्रति किसानों का रोष बढ़ता जा रहा है, लेकिन दिल्ली सीमा में डटे किसानों के जमावड़े में अलग ही रंगत दिखाई दे रही है। लजीज पकवानों से किसानों की खातिरदारी हो रही है। कहीं सरसों का साग तो कहीं पिज्जा औेर पास्ता किसानों को परोसा जा रहा है। अलबत्ता किसानों को परोसे जा रहे लजीज व्यंजन पर सरकार पूरी नजर बनाए हुए है कि इसकी फंडिंग कहां से हो रही है। सिंघु और टीकरी बॉर्डर पर चल रहे लंगर ने किसान आंदोलन को एक उत्सव का रूप दे दिया है।

सरकार ने चार वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी

पंजाब के किसानों का दिल्ली कूच लगातार जारी है। हरियाणा की सीमाओं को लांघते हुए किसान दिल्ली में पड़ाव डाल रहे हैं। लिहाजा दिल्ली कूच के दौरान हरियाणा में कानून व्यवस्था के रिव्यू की जिम्मेदारी चार वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी है, जो अलग-अलग जिलों में पहुंचकर स्थिति का जायजा लेंगे और कानून व्यवस्था न बिगड़े इसको लेकर जिला पुलिस के साथ रणनीति तैयार करेंगे।

एडीजीपी अलोक राय फरीदाबाद, पलवल और नूंह में स्थिति का जायजा लेंगे जबकि एडीजीपी प्रशासनिक एएस चावला सिरसा, फतेहाबाद, हिसार व जींद में पिछले दिनों हुई गतिविधियों की समीक्षा करेंगे और आगामी रणनीति तैयार करेंगे। एडीजीपी कानून व्यवस्था नवदीप सिंह विर्क अंबाला, कुरुक्षेत्र व कैथल की कमान संभालेंगे, इन्हीं तीनों जिलों से पंजाब के किसान गुजरे हैं। खासकर अंबाला के शंभू बॉर्डर, कुरुक्षेत्र के ट्यूकर बार्डर व कैथल के गुहला-चीका से होते हुए किसान दिल्ली की ओर बढ़े हैं। इन तीनों में जिलों की सीमाएं पंजाब से सटी हुई हैं। इसलिए नवदीप सिंह विर्क पंजाब से जा रहे किसानों के काफिलों की हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए जिला पुलिस के साथ रणनीति तैयार करेंगे। इसके साथ ही एडीजीपी हेडक्वार्टर कलारामचंद्रन यमुनानगर, करनाल व हांसी में व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *